पंचकूला की चुनावी सभा में रेखा शर्मा द्वारा दी गई टिप्पणी पर कुमारी शैलजा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए भाजपा से माफी की मांग की है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में बयानों को लेकर शुरू हुआ घमासान अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है। पंचकूला में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान रेखा शर्मा द्वारा दी गई टिप्पणी ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस बयान को “निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया है। शैलजा ने स्पष्ट किया कि राजनीति में गरिमा और शिष्टाचार का बना रहना अनिवार्य है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी ठेस पहुंची है।
भजन लाल के योगदान को किया याद
कुमारी शैलजा ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजन लाल का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि वे ’36 बिरादरी’ के सम्मानित नेता थे, जिनके नेतृत्व में हरियाणा ने प्रगति की। शैलजा ने आगे कहा कि चंद्रमोहन बिश्नोई जैसे नेता, जिन्हें जनता ने पांच बार विधायक चुनकर अपनी सेवा का मौका दिया है, उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करना पूरी तरह से अनुचित और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेने को कहा है।
गरमाई प्रदेश की सियासत
इस विवाद ने अब कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है। कुमारी शैलजा ने भाजपा और संबंधित सांसद से इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इसी प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग जारी रहा, तो यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक सिद्ध होगा। फिलहाल, कांग्रेस के इस कड़े प्रहार के बाद अब सबकी नजरें भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या पार्टी इस मुद्दे पर माफी मांगती है या अपना बचाव करती है।

