भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कुरुक्षेत्र में नए बाईपास निर्माण के ऐलान से प्रॉपर्टी बाजार गर्म हो गया है और निवेशकों में जमीन खरीदने की होड़ मच गई है।
कुरुक्षेत्र। धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी कुरुक्षेत्र के बुनियादी विकास को पंख लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बेहद बड़ी परियोजना की घोषणा की है। सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र में 27.9 किलोमीटर लंबे एक नए बाईपास के निर्माण की मंजूरी दिए जाने के बाद से ही Kurukshetra Bypass Real Estate Boom के कारण पूरे इलाके के प्रॉपर्टी बाजार में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस नई विकास परियोजना की खबर फैलते ही कुरुक्षेत्र और उसके आस-पास के सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जमीनों की मांग अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों और स्थानीय निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
तीन गुना बढ़े जमीनों के दाम
इस महत्वपूर्ण बाईपास परियोजना की घोषणा का सबसे बड़ा और सीधा असर कुरुक्षेत्र के जमीनी बाजार की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के मुताबिक, इस रूट के आस-पास जो कृषि योग्य और व्यावसायिक जमीनें पहले महज एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के भाव पर मिल रही थीं, उनकी बाजार कीमत अब बढ़कर दो से तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी है। हालांकि, जिला प्रशासन ने भू-अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए चिन्हित रूट की जमीनों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है, फिर भी पाबंदी वाले दायरे से बाहर की जमीनों को खरीदने की भारी होड़ मची हुई है।
जाम से मिलेगी स्थाई मुक्ति
लगभग 2071 करोड़ रुपये के बड़े बजट से बनने वाला यह आधुनिक बाईपास कुरुक्षेत्र-पेहोवा मार्ग पर ज्योतिसर के पास इंदबडी गांव से शुरू होकर मथाना गांव पर समाप्त होगा, जो कुल 25 गांवों की करीब 217 हेक्टेयर भूमि से होकर गुजरेगा। इस बाईपास के पूरी तरह चालू होने से पंजाब, उत्तर प्रदेश, यमुनानगर और कैथल की तरफ आने-जाने वाले भारी कमर्शियल वाहनों को कुरुक्षेत्र शहर के मुख्य बाजारों के अंदर से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे न केवल बाहरी यात्रियों के कीमती समय और ईंधन की बड़ी बचत होगी, बल्कि कुरुक्षेत्र के स्थानीय निवासियों को भी रोज-रोज लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण से हमेशा के लिए स्थाई मुक्ति मिल जाएगी।

