कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन पर ₹350 करोड़ की लागत से बना 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक अपने अंतिम चरण में है। इस ट्रैक के शुरू होने से शहर के 5 प्रमुख रेलवे फाटक हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।

कुरुक्षेत्र। शहर को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के झंझट से हमेशा के लिए निजात दिलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिलने वाली है। यहां के बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य अब अपने बिल्कुल आखिरी चरण में पहुंच गया है। कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन पर बन रहे इस बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने से शहर की पूरी यातायात व्यवस्था और इसके स्वरूप में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। इस विशालकाय रेलवे प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, बल्कि स्थानीय लोगों और बाहरी श्रद्धालुओं के समय की भी बड़ी बचत होगी।

पांच रेलवे फाटक हमेशा के लिए होंगे खत्म

इस नवनिर्मित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई लगभग 6 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर प्रशासन की तरफ से करीब 350 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अनुमानित राशि खर्च की गई है। इस आधुनिक ट्रैक के सुचारू रूप से संचालित होने के बाद शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले 5 प्रमुख रेलवे फाटक हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगे। इन रेलवे फाटकों के बार-बार बंद होने के कारण अब तक कुरुक्षेत्र की जनता को जिस भयंकर जाम की मार झेलनी पड़ती थी, उससे अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और राहगीरों को भी हमेशा-हमेशा के लिए बहुत बड़ी राहत मिल जाएगी।

उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने किया निरीक्षण

परियोजना की जमीनी हकीकत और प्रगति का जायजा लेने के लिए कुरुक्षेत्र के जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने हाल ही में इस पूरे एलिवेटेड ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों को लंबित पड़े सभी छोटे-बड़े कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए। उपायुक्त के मुताबिक, ट्रैक के अंतिम चरण का काम बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 10 से 12 दिनों में इसे शत-प्रतिशत मुकम्मल कर लिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद सरकार से इसके भव्य उद्घाटन के लिए समय मांगा जाएगा।

बार-बार तारीखें बदलने से जनता में संशय

प्रशासन की तमाम तैयारियों और बड़े-बड़े दावों के बावजूद, स्थानीय नागरिकों और बाजार के दुकानदारों में इस बात को लेकर अभी भी संशय का माहौल बना हुआ है कि क्या वास्तव में इस बार तय समय पर ट्रैक चालू हो पाएगा। दरअसल, इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा पहले भी कई बार बदली जा चुकी है, जिससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ी हैं। रेलवे फाटक के पास रहने वाले और दुकान चलाने वाले स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से काम चलने और रोज-रोज लगने वाले जाम की वजह से उनका व्यापार काफी प्रभावित हुआ है, इसलिए यदि अगले महीने यह ट्रैक सचमुच शुरू होता है तो यह सबसे बड़ी सौगात होगी।