कुरुक्षेत्र, नवोदित। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा निवासी रोहित करीब सात महीने बेलारूस की जेल में बिताने के बाद अपने घर लौट आया है। बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद में 9 अक्टूबर को विदेश रवाना हुए रोहित ने बताया कि एक एजेंट ने उसे सीधे मोल्दोवा भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन धोखे से दुबई, रूस और फिर बेलारूस के रास्ते अवैध डोंकी रूट पर भेज दिया।

रोहित के अनुसार, एजेंट विजय शर्मा ने उससे लाखों रुपये लेने के बावजूद सुरक्षित और कानूनी तरीके से विदेश भेजने के बजाय उसे दुबई से रूस और फिर बेलारूस के जंगलों तक पहुंचा दिया। वहां उसे एक पाकिस्तानी डोंकर के हवाले कर दिया गया। रोहित का आरोप है कि उससे डॉलर छीन लिए गए और पैसे नहीं मिलने पर मारपीट, धमकियां और भूखा रखने जैसी यातनाएं दी गईं। माइनस 4 डिग्री तापमान में उसे तंबू में रहने के लिए मजबूर किया गया, जबकि खाने के नाम पर केवल ब्रेड और पैकेटबंद गोमांस दिया जाता था।

इसके बाद डोंकर ने उसे लातविया सीमा पार करवाने की कोशिश की, लेकिन वहां की सेना ने उसे पकड़ लिया। रोहित ने आरोप लगाया कि सैनिकों ने उसके साथ मारपीट की और उसे वापस सीमा पार बेलारूस की ओर धकेल दिया। कई दिनों तक जंगलों में भटकने के बाद वह दोबारा बेलारूस पहुंचा, जहां डोंकर ने ही पुलिस को सूचना देकर उसे गिरफ्तार करवा दिया।

कोर्ट के आदेश पर रोहित को बेलारूस की जेल भेज दिया गया। करीब सात महीने बाद भारतीय दूतावास की मदद से उसका इमरजेंसी पासपोर्ट तैयार हुआ। इसके बाद परिवार ने टिकट भेजकर उसे भारत वापस बुलाया।

रोहित के पिता मनोज कुमार ने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए उन्होंने अपना प्लॉट बेच दिया और कर्ज भी लिया था। उनका आरोप है कि एजेंट ने करीब 11 लाख रुपये की ठगी की है। अब परिवार आरोपी एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलने की तैयारी कर रहा है।