नवोदित, कुरुक्षेत्र। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि देश को विकसित और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक वरदान साबित होगा। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे वे केवल नीति की लाभार्थी न रहकर नीति निर्माता की भूमिका निभाएंगी।

सुमन सैनी गुरुवार को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन पदयात्रा’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा और महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया का जिला प्रशासन ने स्वागत किया। उपाध्यक्षा ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पुरुषोत्तमपुरा बाग से शुरू होकर ब्रह्मसरोवर के उत्तरी द्वार और केडीबी कार्यालय होते हुए अर्जुन चौक पर संपन्न हुई।
ऐतिहासिक फैसला और बढ़ती भागीदारी
सुमन सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में लोकसभा में केवल 22 महिलाएं थीं, जो आज बढ़कर करीब 75 हो गई हैं। इस अंतर को खत्म करने और संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए यह कानून बेहद जरूरी था।
महान विभूतियों का स्मरण और उपलब्धियां
अपने संबोधन में उन्होंने सावित्रीबाई फुले, रानी लक्ष्मीबाई और कल्पना चावला जैसी महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हौसले से कोई भी बदलाव संभव है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि जनधन योजना से 32 करोड़ से अधिक महिलाएं बैंकिंग सिस्टम से जुड़ी हैं और मुद्रा योजना के तहत 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को मिले हैं। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।
महिलाओं के सपनों को मिलेगा नया मंच
पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि यह अधिनियम करोड़ों महिलाओं के सपनों को सच करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने इसी उद्देश्य के लिए 16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र बुलाया है। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया और जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए।

