अभिषेक सेमर, तखतपुर। लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा उजागर की गई लाखासार सेवा सहकारी समिति में खाद वितरण में कथित अनियमितताओं की खबर का बड़ा प्रशासनिक असर देखने को मिला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सहकारिता विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समिति के प्रभारी प्रबंधक भागबली यादव को उनके पद से पृथक कर दिया है, वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर विनय कुमार कौशिक को भी कार्य से हटा दिया गया है।

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मामला तब सामने आया जब भारत सरकार के आईएफएमएस (Integrated Fertilizer Management System) पोर्टल में एक किसान के नाम पर निर्धारित मानकों के विपरीत एक ही बार में 50 बोरी यूरिया जारी किए जाने का रिकॉर्ड दर्ज पाया गया। इस असामान्य एंट्री के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसानों ने खाद वितरण में अनियमितता एवं भेदभाव के आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई थी।

लाखासार सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत पेंडारी, बिनौरी, विंध्यासर, काठाकोनी, खजुरी नवागांव और लाखासार सहित कुल छह गांव आते हैं, जहां प्रतिवर्ष लगभग छह हजार बोरी यूरिया का वितरण किया जाता है। ऐसे में एक ही किसान के नाम पर 50 बोरी यूरिया जारी होने की जानकारी को गंभीर मानते हुए विभाग ने तत्काल जांच शुरू की।

मामले की जांच के लिए गठित की गई थी टीम

बता दें कि इस गड़बड़ी को लेकर लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसके बाद मामले की जांच के लिए सहकारिता विभाग द्वारा चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई, जिसमें सीईओ सहकारिता, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.एल. पैकरा, कृषि विकास अधिकारी आलोक सिन्हा तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कुमार धर साहू शामिल थे। टीम ने विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, बिलासपुर ने आदेश जारी करते हुए प्रभारी प्रबंधक को प्रभार से हटाने तथा कंप्यूटर ऑपरेटर को कार्य से पृथक करने के निर्देश दिए। आदेश में कहा गया है कि कार्रवाई तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित कर विभाग को अनुपालन रिपोर्ट भेजी जाए।

देखें आदेश

जांच के दौरान कृषि विकास अधिकारी आलोक सिन्हा ने बताया था कि आईएफएमएस पोर्टल सभी शासकीय एवं निजी खाद विक्रेताओं की पीओएस मशीनों से जुड़ा होता है। इसके माध्यम से खाद की प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड सीधे पोर्टल पर दर्ज होता है। निर्धारित सीमा से अधिक खाद वितरण होने पर प्रणाली स्वतः अलर्ट जारी करती है, जिसके आधार पर आगे जांच की जाती है।

फिलहाल विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और नियमों के अनुसार तय की जाएगी। इस पूरे मामले पर अब किसानों की नजर विभाग की आगामी वैधानिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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