कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पूरे परिवार ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने का निर्णय लिया। यह कदम सरकार द्वारा परिवार की सुरक्षा में की गई कटौती के विरोध में उठाया गया है।
सिलसिलेवार तरीके से सुरक्षा का त्याग
सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा वापस करने की घोषणा की। इसके तुरंत बाद, लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा छोड़ने का फैसला लिया। इस कड़ी में अंत में राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने भी सरकारी सुरक्षा को वापस कर दिया।
सरकार के निर्णय का विरोध
लालू परिवार का आरोप है कि उनकी सुरक्षा में की गई कटौती पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। परिवार का कहना है कि वे किसी ऐसी सुरक्षा के मोहताज नहीं हैं जिसे सरकार जब चाहे कम कर दे। अपनी नाराजगी दर्ज कराते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, तो वे इसे पूरी तरह से छोड़ने के लिए तैयार हैं। यह कदम सीधे तौर पर वर्तमान सत्ता पक्ष को एक कड़ा राजनीतिक संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है। लालू परिवार का यह निर्णय राज्य में सुरक्षा को लेकर हो रही सियासत को और गरमाएगा। फिलहाल सरकारी तंत्र और प्रशासनिक गलियारों में इस अप्रत्याशित फैसले की चर्चा जोरों पर है।

