कुंदन कुमार/ पटना। नई दिल्ली: बिहार की राजनीति के दिग्गज और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर अपनी अनूठी कार्यशैली से चर्चा में हैं। इस बार चर्चा का केंद्र उनके पोते और तेजस्वी यादव के बेटे ईराज का जन्मदिन है। 27 मई को होने वाले इस आयोजन को महज एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि ‘शक्ति प्रदर्शन’ के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली में जुटेंगे दिग्गज नेता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस साल ईराज का जन्मदिन दिल्ली के निकट गाजियाबाद में मनाया जाएगा। यह स्थान लालू यादव की चौथी बेटी रागिनी यादव के निवास के समीप है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी राजनीतिक धमक है। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल जैसे प्रमुख विपक्षी चेहरों के शामिल होने की चर्चा है। विधानसभा चुनावों में मिली चुनौतियों के बाद, राजद के इस मंच पर विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा संदेश देने की तैयारी है।
राजद का बड़ा जमावड़ा
लालू यादव ने इस आयोजन को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह (मांगीलाल मंडल के स्थान पर), प्रधान महासचिव रणविजय साहू समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इतना ही नहीं, पार्टी के सभी 25 विधायकों, 15 विधान पार्षदों, चार लोकसभा सदस्यों और 3 राज्यसभा सांसदों को दिल्ली पहुंचने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
संदेश देने की तैयारी
पिछले साल ईराज का जन्मदिन कोलकाता में धूमधाम से मनाया गया था, लेकिन इस बार का आयोजन राजनीतिक रूप से कहीं अधिक गंभीर है। सियासी गलियारों में इसे ‘मिशन एकजुटता’ के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि राजद आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के साथ-साथ विपक्ष को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रही है।
लालू प्रसाद यादव अपने पोते के जन्मदिन के माध्यम से न केवल पारिवारिक खुशियां साझा करेंगे, बल्कि विपक्षी दलों के बीच आपसी समन्वय को नई ऊर्जा देने का भी काम करेंगे। यह आयोजन आगामी दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की रणनीति को लेकर एक नई दिशा तय कर सकता है।

