पटना। बिहार की राजनीति में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की दिशा में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब उन्हें पटना और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विशेष ‘वीवीआईपी प्रोटोकॉल’ की सुविधा प्रदान की जाएगी।

​रन-वे तक पहुंचेगी गाड़ी

​प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत, नीतीश कुमार की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उन्हें एयरपोर्ट पर विशेष छूट दी जाएगी। अब उनकी गाड़ी को सामान्य टर्मिनल से होकर जाने के बजाय सीधे एयरपोर्ट के रन-वे तक जाने की अनुमति होगी। इससे न केवल उनकी सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी, बल्कि एयरपोर्ट परिसर में होने वाली अनावश्यक भीड़-भाड़ से भी बचाव हो सकेगा। यह सुविधा आमतौर पर पदस्थ मुख्यमंत्रियों को ही मिलती रही है, जिसे अब नीतीश कुमार की सुरक्षा श्रेणी और उनके दीर्घकालिक राजनीतिक कद को देखते हुए विस्तारित किया गया है।

​सुरक्षा जांच में मिलेगी विशेष छूट

​सूत्रों के अनुसार, नागर विमानन विभाग की हालिया उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत, एयरपोर्ट पर होने वाली मानक सुरक्षा जांच प्रक्रियाओं में भी नीतीश कुमार को विशेष प्रोटोकॉल के तहत छूट दी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रशासन के बीच इस नई प्रक्रिया के समन्वय का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है।

​पटना और दिल्ली एयरपोर्ट पर विशेष तैयारी

​पटना के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ती यात्रियों की संख्या और सुरक्षा मानकों को देखते हुए, प्रशासन विशेष प्रबंधन कर रहा है। वीवीआईपी मूवमेंट को सुचारू बनाने के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है, ताकि आवाजाही में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए। इसी तरह, दिल्ली एयरपोर्ट पर भी जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल से संबंधित औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

​अनुभव और पद की गरिमा का सम्मान

​राज्य सरकार का मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का लंबा कार्यकाल और उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए यह कदम आवश्यक है। विभागीय स्तर पर औपचारिक आदेश जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होते ही यह सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। यह निर्णय न केवल उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, बल्कि उनके द्वारा राज्य और देश की सेवा में दिए गए योगदान के सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है।