मलकानगिरी : नक्सलियों ने गणतंत्र दिवस से पहले बड़े हमले की योजना बनाई थी। इसे नाकाम करने के लिए सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के दौरान तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा जंगल में नक्सलियों द्वारा किए गए शक्तिशाली बारूदी सुरंग विस्फोट में 11 जवान घायल हो गए। इन सभी को हेलीकॉप्टर से छत्तीसगढ़ के रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बीच, देश की आजादी के बाद से माओवादियों का गढ़ रहे करेगुट्टा जंगल में जवानों ने गणतंत्र दिवस पर पहली बार झंडा फहराया। CRPF की 196वीं और 208वीं बटालियन के जवानों ने तिरंगा फहराकर जंगल को माओवादियों से मुक्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी तरह सुकमा में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान आत्मसमर्पण करने वाले 300 से अधिक नक्सलियों ने अन्य माओवादियों से समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया है।

माओवादी गणतंत्र दिवस के मौके पर घटना करने के लिए करेगुट्टा जंगल में जमा हुए थे। खुफिया जानकारी मिलने पर तेलंगाना, सुकमा, बीजापुर से DRG, STF और CRPF के जवान कॉम्बिंग ऑपरेशन में शामिल हुए। ऑपरेशन चल ही रहा था कि रविवार दोपहर नक्सलियों का लगाया एक लैंडमाइन फट गया। जवानों के घायल होने की जानकारी मिलने पर बीजापुर पुलिस ने मौके पर हेलीकॉप्टर भेजा। डॉक्टरों ने बताया कि सभी जवान खतरे से बाहर हैं, लेकिन कुछ जवानों की तबीयत गंभीर बताई गई है। इस घटना के बाद बॉर्डर के जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
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