लखनऊ विकास प्राधिकरण में विजिलेंस द्वारा 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने पर उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को सस्पेंड कर दिया है और जेई दिनेश कुमार वर्मा के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने अब आईजीआरएस और अन्य माध्यमों से मिलने वाली अवैध निर्माण की शिकायतों पर सीधी कार्रवाई के बजाय पहले गहन जांच करने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक का निर्णय लिया है।

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में 7.50 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में विजिलेंस की छापेमारी के बाद प्रशासनिक शिकंजा कस गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने त्वरित कदम उठाते हुए गिरफ्तार पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले में संलिप्त आरोपी जूनियर इंजीनियर (अवर अभियंता) दिनेश कुमार वर्मा के निलंबन की आधिकारिक सिफारिश शासन को भेज दी गई है।

तीन आरोपी हुए थे गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने शनिवार को एलडीए के प्रवर्तन जोन-5 में तैनात जेई दिनेश कुमार वर्मा, पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश और एक बाहरी व्यक्ति श्रवण कुमार को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

घटना के तुरंत बाद एलडीए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पूरे मामले की गहन विभागीय जांच का जिम्मा विशेष कार्याधिकारी देवांश त्रिवेदी को सौंपा गया है।

शिकायत जांच प्रक्रिया में बदलाव

इस रिश्वतकांड के उजागर होने के बाद एलडीए ने अपने प्रवर्तन अनुभाग के कार्य करने के तरीकों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, अब आईजीआरएस, व्हाट्सएप या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से मिलने वाली अवैध निर्माण की शिकायतों पर बिना जांच सीधे कार्रवाई नहीं होगी।

आम नागरिकों को बेवजह के उत्पीड़न से बचाने के लिए अब हर शिकायत का पहले प्रशासनिक स्तर पर गहन परीक्षण किया जाएगा और सत्यता पाए जाने पर ही कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

दफ्तरों में बाहरी लोगों पर रोक

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी श्रवण कुमार एलडीए का कर्मचारी नहीं है, बल्कि वह बिचौलिए के तौर पर काम करता था। वह आईजीआरएस के जरिए शिकायतें दर्ज कराकर भवन स्वामियों को कार्रवाई का भय दिखाकर ब्लैकमेल करता था।

इस खुलासे के बाद एलडीए ने प्रवर्तन अनुभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों के दफ्तरों में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

ब्लैकमेलरों पर दर्ज होगी एफआईआर

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निजी रंजिश या ब्लैकमेलिंग के मकसद से बार-बार झूठी शिकायतें करने वाले पेशेवर शिकायतकर्ताओं को चिह्नित किया जाएगा।

ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उनकी सूची शासन को भेजी जाएगी। एलडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति डराकर पैसों की मांग करे तो इसकी सीधी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करें।