ब्रह्मपुर: ओडिशा के गंजाम जिले में साल 2019 में पूरे राज्य को झकझोर देने वाले एक हत्याकांड में शुक्रवार को जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 7 वर्षीय मासूम अंशुमान का अपहरण और हत्या करने के जुर्म में आरोपी देवाशीष पंडा को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

अदालत में पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया. पुलिस जांच के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे एकतरफा प्यार और सनक थी. आरोपी देवाशीष, मृतक बच्चे की मां निरुपमा आचार्य से एकतरफा प्यार करता था. जब निरुपमा ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो बदले की आग में अंधे होकर देवाशीष ने उनके मासूम बेटे को अपना निशाना बनाया.
जनवरी 2019 में, आरोपी देवाशीष ने पहली कक्षा में पढ़ने वाले अंशुमान को स्कूल छोड़ने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया. वह उसे स्कूल ले जाने के बजाय प्रसिद्ध तारा तारिणी पहाड़ी मंदिर के पास ले गया. वहां उसने एक भारी पत्थर से मासूम का सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के इरादे से शव को पहाड़ी की तलहटी में फेंक दिया था. अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों को सही पाते हुए दोषी को जीवनभर जेल में रहने की सजा दी.

