कछुआ न केवल फेंगशुई में बल्कि हिंदू पौराणिक परंपराओं में भी विशेष महत्व रखता है। भगवान विष्णु ने सागर मंथन के दौरान कूर्म अवतार (कछुए का रूप) धारण किया था। जिससे इसकी आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। आज भी वास्तु शास्त्र में कछुए को सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता हैं। इसलिए कई लोग अपने घर, ऑफिस या दुकान में कछुए की मूर्ति रखते हैं ताकि जीवन में सुख-शांति और उन्नति बनी रहे।

कछुए की मूर्ति रखना अधिक शुभ

घर में जीवित कछुआ रखना उचित नहीं माना जाता है। इसके पीछे कर्म सिद्धांत का विचार है। जिसके अनुसार हर जीव को स्वतंत्र रहने का अधिकार है। किसी जीव को सीमित करना नकारात्मक कर्म उत्पन्न कर सकता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि घर में जीवित कछुआ रखने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है । इसलिए यदि आप कछुआ रखना चाहते है तो लकड़ी, धातु या क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रखना अधिक शुभ माना जाता है।

कछुआ खरीदने का शुभ दिन

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कछुए की मूर्ति को घर में लाने के लिए बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को शुभ माना जाता है। बेहतर परिणाम के लिए आप पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त चुन सकते है। किसी विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं।

घर में कछुआ रखने के फायदे

कछुए की मूर्ति को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होती है। यह न केवल घर में शांति और संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं, बल्कि इसे सौभाग्य, समृद्धि और धन आकर्षित करने वाला भी माना जाता है। कुछ लोग इसे बेडरूम में रखते हैं, जिससे अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। कछुए को पानी में रखने से इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है । इसके अलावा यह व्यक्ति के जीवन में धैर्य और स्थिरता लाने में भी सहायक माना जाता है।

सही दिशा और स्थान

वास्तु के अनुसार कछुए को सही दिशा में रखना बहुत महत्वपूर्ण होता हैं। घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर कछुआ रखने से नकारात्मक ऊर्जा अंदर आने से रुकती हैं। वहीं उत्तर दिशा में कछुआ रखने से करियर में प्रगति और नए अवसर प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है। सही स्थान और दिशा में रखा गया, कछुआ घर के वातावरण को सकारात्मक और संतुलित बनाए रखने में मदद करता है ।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H