अजयारविंद नामदेव, शहडोल। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में पदस्थ एक मेडिकल ऑफिसर को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर शिकायतकर्ता की पत्नी के संलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने और रवानगी नहीं देने के बदले कुल 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी
उमरिया जिले के पाली तहसील अंतर्गत पटनार खुर्द निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र सिंह ने 18 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी, शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के संलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने और उन्हें कार्यमुक्त नहीं करने के एवज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी, तहसील जयसिंहनगर में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया।
जयसिंहनगर बस स्टैंड पर जाल बिछाया
सत्यापन के दौरान आरोपी डॉक्टर द्वारा 5 हजार रुपये रिश्वत की राशि प्राप्त करने तथा शेष 5 हजार रुपये की मांग किए जाने की पुष्टि हुई, इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में ट्रैप दल गठित किया गया, शुक्रवार 3 जुलाई को लोकायुक्त रीवा की टीम ने जयसिंहनगर बस स्टैंड पर जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी डॉ. महेश चंद्र शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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