रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मंदिर में जल्द ही लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा आने वाली है। 125 साल पहले ब्रिटिश इसे भारत ले ले गए थे और लंदन के संग्रहालय में रख लिया था। लेकिन अब सालों बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार की पहल के बाद इंतजार खत्म होने जा रहा है। इस खुशखबरी के बाद भोजशाला के बाहर जश्न मनाते हुए आतिशबाजी की गई।
भोजशाला परिसर के बाहर भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने आतिशबाजी कर जय सियाराम, सरस्वती माता की जय और राजा भोज के जयकारे लगाए।सुमित चौधरी ने बताया कि आज का दिन ऐतिहासिक है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से बहुत जल्द मां वाग्देवी सरस्वती की प्रतिमा लंदन से लाने के प्रयास तेज हो गए है।
जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मां-वाग्देवी की जो प्रतिमा लंदन के संग्रहालय में कैद है, वही धार भोजशाला की सरस्वती है। जिसे 125 साल पहले भोजशाला से ब्रिटिश म्यूजियम में ले गए थे। आज 5 अगस्त को मां-वाग्देवी की मुक्ति का रास्ता प्रशस्त हुआ है।
हम अब ऐसा मान सकते हैं कि आने वाले दिनों में मां वाग्देवी की प्रतिमा को जल्द प्राप्त करेंगे। अपनी मां को मंदिर में स्थापित होते हुए देखेंगे। संस्कृति मंत्रालय केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने पहल चालू कर दी है। जल्द ही हिंदू समाज अपनी मां को मंदिर में विराजमान करेगा और पूजा करेगा।
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