Poori Recipe : भारतीय घरों में पूड़ी एक ऐसी डिश है, जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। चाहे वीकेंड का नाश्ता हो, त्योहार का मौका हो या किसी खास मेहमान का स्वागत, गरमा-गरम फूली हुई पूड़ियां हर किसी की पसंद होती हैं। हालांकि, रोजमर्रा की रोटी से अलग पूड़ी को गहरे तेल में तला जाता है, इसलिए इसमें तेल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यही वजह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, डायबिटीज या हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है।

अच्छी बात यह है कि कुछ आसान कुकिंग टिप्स अपनाकर पूड़ी को पहले से थोड़ा हेल्दी बनाया जा सकता है। इससे स्वाद भी बरकरार रहेगा और अतिरिक्त फैट व कैलोरी से भी काफी हद तक बचाव होगा।
आटे में मिलाएं हेल्दी अनाज
सिर्फ मैदा या रिफाइंड आटे की बजाय गेहूं के आटे का इस्तेमाल करें। चाहें तो इसमें थोड़ा जौ, रागी, ज्वार, बाजरा या ओट्स का आटा भी मिला सकते हैं। इससे पूड़ी में फाइबर बढ़ेगा, जो पाचन के लिए अच्छा माना जाता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
सब्जियों की प्यूरी का करें इस्तेमाल
आटा गूंथते समय साधारण पानी की जगह पालक, चुकंदर, गाजर या मेथी की प्यूरी मिलाएं। इससे पूड़ी में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट बढ़ जाते हैं। साथ ही रंग और स्वाद भी आकर्षक हो जाता है, जिससे बच्चे भी इसे आसानी से खा लेते हैं।
सही तेल का करें चुनाव
पूड़ी तलने के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला तेल इस्तेमाल करें। सरसों, मूंगफली या राइस ब्रान ऑयल जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें। बार-बार गर्म किया गया तेल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सही तापमान पर तलें पूड़ी
अगर तेल बहुत ठंडा होगा तो पूड़ी ज्यादा तेल सोख लेगी। वहीं, जरूरत से ज्यादा गर्म तेल में पूड़ी बाहर से जल्दी जल सकती है और अंदर से ठीक से नहीं पकती। इसलिए मध्यम से तेज आंच पर सही तापमान बनाए रखना जरूरी है, ताकि पूड़ी कम तेल सोखे और अच्छी तरह फूल जाए।
छोटी और पतली पूड़ियां बनाएं
बड़ी पूड़ियों की बजाय छोटी और हल्की पतली पूड़ियां बनाएं। इससे एक बार में जरूरत से ज्यादा खाने से बचेंगे और कुल कैलोरी का सेवन भी कम होगा। साथ ही छोटी पूड़ियां जल्दी पकती हैं और कम तेल सोखती हैं।
तलने के बाद अतिरिक्त तेल हटाएं
पूड़ियों को कड़ाही से निकालने के बाद तुरंत टिश्यू पेपर या किचन टॉवल पर रखें। इससे उनकी सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल निकल जाता है और कुल फैट की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है।
हेल्दी सब्जियों के साथ करें सर्व
पूड़ी के साथ आलू की मसालेदार सब्जी की बजाय मिक्स वेजिटेबल, चना, लौकी, कद्दू, मटर या दही जैसी पौष्टिक चीजें परोसें। इससे भोजन का पोषण बढ़ेगा और पेट भी जल्दी भर जाएगा।
मात्रा पर रखें नियंत्रण
पूड़ी चाहे कितनी भी हेल्दी तरीके से बनाई जाए, यह फिर भी तली हुई डिश है। इसलिए एक बार में बहुत ज्यादा पूड़ियां खाने की बजाय सीमित मात्रा में ही इसका आनंद लें। साथ में सलाद और दही शामिल करने से भोजन अधिक संतुलित बन सकता है।
इन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी
जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, डायबिटीज, फैटी लिवर या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें पूड़ी का सेवन कभी-कभार और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। यदि कोई पुरानी बीमारी है या डॉक्टर ने तला हुआ भोजन कम खाने की सलाह दी है, तो उसी के अनुसार डाइट का पालन करें।
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