लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी से जुड़े कुछ लोग राजभर और दलित समाज के खिलाफ आपत्तिजनक तथा जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की भाषा एवं आचरण पर नियंत्रण रखने की अपील की है.
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‘राजनीतिक विरोध करें, लेकिन समाज का अपमान न करें’
सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि मऊ के पूर्व समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष और वर्तमान सांसद प्रतिनिधि द्वारा राजभर और दलित समाज के लिए अभद्र टिप्पणियां की गई हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी जाति या समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता.
वीर परंपरा और इतिहास का किया जिक्र
राजभर ने कहा कि राजभर समाज महाराजा सुहेलदेव और महाराज चंवर सेन की गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करता है. साथ ही उन्होंने दलित समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि चमार रेजिमेंट ने विश्वयुद्ध में बहादुरी का परिचय दिया था और 1857 की क्रांति में वीर जीता चमार ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अनुसार, ऐसे समाजों का अपमान करना उनके इतिहास और योगदान का भी अपमान है.
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भविष्य में ऐसी टिप्पणियों पर विरोध की चेतावनी
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उनकी पार्टी में राजभर और दलित समाज को समान सम्मान नहीं दिया जाता. उन्होंने कहा कि युवाओं को जातीय श्रेष्ठता की मानसिकता से ऊपर उठकर सभी वर्गों के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी समाज के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां की गईं तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी को राजनीतिक विरोध करना है तो वह व्यक्तिगत स्तर पर करे, पूरे समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है.


