पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर नया अपडेट आया है. 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. अब वे चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे. वहीं, 4 अक्टूबर को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है.
उपचुनाव से पहले हुई कांग्रेस के नंदीग्राम सीट के उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कोर्ट ने 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव को लेकर सियासी पैंतरेबाजी के बीच अब कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव के उम्मीदवार मिलन प्रधान की मुश्किलें बहुत ही ज्यादा बढ़ गयी. उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.
शनिवार को हल्दिया सब डिविजनल कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान गिरफ्तार कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने दावा किया कि TMC डरी हुई है. उनकी गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को हल्दिया सब-डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी प्रदर्शन किया.
वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में जानकारी दी है कि प्रधान को चार लंबित मामले में गिरफ्तारी वारंट के आधार पर अरेस्ट किया गया है. ये वारंट दंगे, हत्या, हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और आपराधिक धमकी जैसे गैर जमानती मामलों से जुड़े थे. पहले तीन मामलों में IPC के तहत हत्या से संबंधित धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं; चौथा मामला हथियारों से संबंधित अपराधों के लिए है.
नियमों के मुताबिक, अगर उन्हें दो साल से कम की सजा होती है, तो इलेक्शन कमीशन को इस मामले में कोई रुकावट नहीं होगी. अगर वह जेल में भी हैं, तो कांग्रेस के दूसरे नेता जेल के बाहर कांग्रेस उम्मीदवार के लिए प्रचार कर सकेंगे.
वहीं, कांग्रेस के प्रवक्ता और वकील अजितेश पांडे ने कहा, “हमने जमानत के लिए आवेदन किया था. हमने सवाल उठाया था कि नामांकन के ठीक बाद उन्हें बहुत पुराने अरेस्ट वारंट के आधार पर क्यों अरेस्ट किया गया.
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