लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सियासत में राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव और राहुल गांधी को लेकर तंज कसा है. राजभर ने दोनों नेताओं को ‘बड़का भैया’ और ‘छोटका भैया’ कहकर घेरा और प्रयागराज में हुए छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए.

अखिलेश पर साधा निशाना, भाईचारे पर उठाए सवाल

ओमप्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के भाई बने घूमने वाले अखिलेश यादव को भाईचारा निभाना भी आना चाहिए था. राजभर ने कहा कि राहुल गांधी प्रयागराज आए थे और उन्हें उम्मीद थी कि अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं के जरिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने में मदद करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपने ‘बड़े भाई’ राहुल गांधी के लिए छोटे भाई का फर्ज निभाना चाहिए था.

‘राहुल गांधी 5 हजार लोग भी नहीं जुटा पाए’

मंत्री ओपी राजभर ने दावा किया कि प्रयागराज में राहुल गांधी का कार्यक्रम फ्लॉप साबित हुआ. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सभा के लिए तीन महीने तक तैयारियां चलीं, लाखों रुपये खर्च किए गए और पूरे शहर में पोस्टर-बैनर लगाए गए, लेकिन अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. राजभर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए भारी तैयारी के बावजूद सिर्फ कुछ हजार लोग ही पहुंचे. उन्होंने इसे सपा-कांग्रेस गठबंधन की कमजोर स्थिति का संकेत बताया.

सीटों के बंटवारे को लेकर भी कसा तंज

ओपी राजभर ने अपने बयान में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी अब मिलकर सीटों का हिसाब-किताब कर लें. राजभर ने दावा किया कि सपा-कांग्रेस गठबंधन में अंदरूनी खींचतान चल रही है और दोनों दल सिर्फ राजनीतिक मजबूरी के कारण साथ दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह जमीनी राजनीति से दूर होकर सोशल मीडिया तक सीमित हैं.

राहुल गांधी ने उठाए थे युवाओं के मुद्दे

गौरतलब है कि राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचे थे. उन्होंने केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद किया था. इस दौरान राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर हमला बोला था. कार्यक्रम को लेकर बीजेपी नेताओं ने लगातार कांग्रेस पर निशाना साधा है.

बीजेपी नेताओं का दावा है कि राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही. अब राहुल गांधी के दौरे के बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी यूपी की राजनीति में नए आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर चुकी है.