लखनऊ में रहीमाबाद पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने 48 घंटे के भीतर अंजलि सिंह हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए उसके पति उमेंद्र प्रताप सिंह और उसकी कथित प्रेमिका आरती वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने प्रेम संबंधों का विरोध करने पर अंजलि का गला घोंटकर शव गोमती नदी में फेंक दिया था और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

सतीश सिंह, लखनऊ। लखनऊ में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 48 घण्टे के अंदर पर्दाफाश किया है। प्रेम संबंधों में बाधा बन रही पत्नी की हत्या कर उसके शव को गोमती नदी में फेंकने वाले पति और उसकी कथित प्रेमिका को रहीमाबाद पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतका के करीब 8 से 10 लाख रुपये कीमत के 32 आभूषण, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है।

गुमशुदगी का ड्रामा और साजिश

पुलिस के मुताबिक, रहीमाबाद निवासी उमेन्द्र प्रताप सिंह ने 30/31 जुलाई की रात अपनी पत्नी अंजली सिंह के घर से गायब होने की सूचना थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस गुमशुदगी की जांच कर ही रही थी कि अगले दिन इटौंजा थाना क्षेत्र में गोमती नदी से एक महिला का शव मिला।

परिजनों ने उसकी पहचान अंजली सिंह के रूप में की। इसके बाद मृतका के भाई की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने पहले पति को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे हत्याकांड की परतें खुल गईं।

प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

पूछताछ में सामने आया कि अंजली सिंह को अपने पति और आरती वर्मा के कथित प्रेम संबंधों की जानकारी हो गई थी। वह इसका लगातार विरोध कर रही थी।

इसी से नाराज होकर पति ने प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी का मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों ने शव को कार में रखकर गोमती नदी में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उमेन्द्र खुद थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी दर्ज करा दी, ताकि ऐसा लगे कि वह जेवर लेकर घर छोड़कर चली गई है।

प्रेमिका को दिए पत्नी के जेवर

हत्या के बाद उमेन्द्र ने मृतका के सभी जेवर अपनी कथित प्रेमिका आरती वर्मा को दे दिए। पुलिस ने आरती को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 32 आभूषण बरामद किए।

इनमें हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, कंगन, पायल, करधनी, चांदी के आभूषण समेत अन्य कीमती सामान शामिल हैं।

ओला चालक और कॉल सेंटर कर्मी

गिरफ्तार आरोपी उमेन्द्र प्रताप सिंह (31) निजी वाहन ओला में चलाता था, जबकि उसकी कथित प्रेमिका आरती वर्मा (31) लखनऊ के एक कॉल सेंटर में कार्यरत है।

पुलिस के अनुसार उमेन्द्र प्रताप के खिलाफ हरदोई जिले में मारपीट और धमकी देने का एक पुराना आपराधिक मुकदमा भी दर्ज है। उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।