जमशेदपुर। रेलवे में बिना परीक्षा नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो युवतियों और उनके परिवार से करीब 13 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ठगी का तरीका ऐसा था कि पीड़ितों को फर्जी ई-मेल, नियुक्ति पत्र और मेडिकल जांच के बाद ओडिशा के राजगंगपुर रेलवे स्टेशन तक भेजकर बाकायदा ट्रेनिंग भी कराई गई। मामले में सीतारामडेरा थाना पुलिस ने कोलकाता के बेनियापुकुर निवासी शेख शाहिद आलम को गिरफ्तार किया है।

वरिष्ठ अधिकारियों से पहुंच का दावा कर फंसाया

मामला भालूबासा मुस्लिम बस्ती निवासी बुसरा खातून की शिकायत पर दर्ज किया गया है। बुसरा और उनकी फुफेरी बहन शाहिबा नफीस रेलवे भर्ती बोर्ड की तैयारी कर रही थीं। वर्ष 2025 में उनके पिता की मुलाकात मो. फैसल नामक व्यक्ति से हुई। उसने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधी पहुंच होने का दावा करते हुए बिना परीक्षा नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।

शुरुआत में नौकरी के लिए 8 लाख रुपये मांगे गए, लेकिन बाद में रकम बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई। 17 अक्टूबर 2025 को आरोपियों ने पहली किस्त के तौर पर एक लाख रुपये लिए। इसके साथ ही दोनों युवतियों के पहचान पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज भी हासिल कर लिए गए।

फर्जी ई-मेल से मेडिकल और वेरिफिकेशन का खेल

ठगी के नेटवर्क ने भरोसा कायम करने के लिए रेलवे अधिकारियों से मिलते-जुलते नाम वाले फर्जी ई-मेल तैयार किए। इन्हीं के जरिए युवतियों को कोलकाता बुलाकर मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन कराया गया। इसके बाद उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिया गया।

राजगंगपुर स्टेशन पर कराई फर्जी ट्रेनिंग

आरोपियों ने फर्जीवाड़े को असली नियुक्ति का रूप देने के लिए दोनों युवतियों को ओडिशा के राजगंगपुर रेलवे स्टेशन भेज दिया। वहां उन्हें कथित ट्रेनिंग के नाम पर टिकट काउंटर समेत अन्य काम भी कराए गए। इस पूरी प्रक्रिया के कारण पीड़ित परिवार को काफी समय तक नौकरी मिलने का भरोसा बना रहा।

पुलिस वेरिफिकेशन में खुल गया पूरा फर्जीवाड़ा

मामले का राज उस समय खुला, जब पुलिस सत्यापन के दौरान नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। परिवार को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपियों से रकम वापस मांगी, लेकिन वे लगातार टालमटोल करते रहे।

इसके बाद बुसरा खातून ने सीतारामडेरा थाना में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी में मो. फैसल, निखिल, संजीता खेरसल, एसके मो. साहेब आलम, ईस्टर्न रेलवे के मेडिकल स्टाफ समेत 10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

एक आरोपी पहले जेल में, बाकी की तलाश जारी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शेख शाहिद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।