मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में निर्माणाधीन व संचालित राम मंदिर परिसर की सुरक्षा, प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को अब नए सिरे से गढ़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर की पूरी व्यवस्था का कायाकल्प करने के लिए बड़े स्तर पर कवायद शुरू कर दी है.
इसी कड़ी में नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्र ने बुधवार को ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और अन्य प्रमुख सदस्यों की मौजूदगी में यह बैठक कई चरणों तक चली. घंटों तक चली इस मैराथन बैठक का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं की कमियों को दूर करना और एक अत्याधुनिक प्रबंधन ढांचा तैयार करना था. बैठक के दौरान मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस किया गया. जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और परिसर प्रबंधन शामिल रहा.
इसे भी पढ़ें : सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौत पर HC सख्त, पूछा- नए कॉलेज में जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं?
बैठक समाप्त होने के बाद सीईओ जितेंद्र मिश्र दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. माना जा रहा है कि वे अगले चार से पांच दिनों में वापस लौटेंगे, जिसके बाद इस नए मास्टर प्लान और व्यवस्थागत बदलावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. एक तरफ जहां व्यवस्थाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल स्तर पर ट्रस्ट की सुस्ती भी सामने आ रही है. हाल ही में राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से नए सीईओ की नियुक्ति के साथ-साथ तीन नए ट्रस्टियों की भी तैनाती की गई है. इन सभी नए पदाधिकारियों ने अपना-अपना कार्यभार संभाल लिया है.
हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है. वेबसाइट पर आज भी पुराने पदाधिकारियों और अधिकारियों की सूची ही प्रदर्शित हो रही है. डिजिटल युग में इतने बड़े धार्मिक और वैश्विक केंद्र की वेबसाइट पर यह लापरवाही श्रद्धालुओं और मीडिया के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है. अब देखने वाली बात यह होगी कि दिल्ली से सीईओ की वापसी के बाद जमीनी और डिजिटल दोनों स्तरों पर व्यवस्थाएं कितनी तेजी से दुरुस्त होती हैं.



