रोहित कश्यप, मुंगेली। रात का सन्नाटा… मंदिर के बाहर सब कुछ सामान्य था, लेकिन सुबह जब श्रद्धालुओं ने मंदिर का दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। ताले टूटे पड़े थे, गर्भगृह अस्त-व्यस्त था और मां महामाया की प्रतिमा से सोने-चांदी के आभूषण गायब थे। यह सिर्फ एक चोरी नहीं थी, बल्कि आस्था पर हमला था। मुंगेली जिले के थाना लालपुर क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। चोरों का कोई सुराग नहीं था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। कई दिनों तक तकनीकी विश्लेषण, बेसिक पुलिसिंग और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद एक ऐसा सुराग हाथ लगा, जिसने सिर्फ एक नहीं बल्कि दो मंदिर में चोरी की घटनाओं का राज खोल दिया। इतना ही नहीं, पूछताछ में जिला कबीरधाम के सिल्हाटी महादेव मंदिर में हुई चोरी का भी खुलासा हो गया।
एसएसपी का अभियान बना सफलता की वजह
जिले में लगातार हो रही संपत्ति संबंधी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर चोरी गई संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की जाए। एसएसपी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, एसडीओपी माधुरी धिरही एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और थाना लालपुर की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और बेसिक पुलिसिंग के सहारे लगातार जांच आगे बढ़ाई।


पहली वारदात
29 जून 2026 को ग्राम कंतेली स्थित आदि श्री महामाया मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि सुरेश यादव थाना लालपुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 28-29 जून की दरम्यानी रात किसी अज्ञात चोर ने मंदिर का ताला तोड़कर गर्भगृह में प्रवेश किया और देवी मां के चांदी के मुकुट, चांदी की माला, सोने का मंगलसूत्र, करधन, कटहर, ढार सहित अन्य धार्मिक आभूषण चोरी कर लिए।मामले में थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 104/2026 के तहत धारा 331(2), 305(डी), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जब पुलिस के हाथ लगा पहला सुराग
दिन गुजरते रहे, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर थे। इसी बीच पुलिस को कुछ तकनीकी इनपुट मिले। जांच की दिशा बदली और संदेह की सुई जाकर रुकी अश्वनी आहिरे पर। 19 जुलाई 2026 को पुलिस ने अश्वनी आहिरे निवासी नगपुरा को हिरासत में लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो उसके जवाब बदलने लगे और फिर उसने पूरी साजिश उगल दी। अश्वनी ने बताया कि उसने अपने जीजा मंजीत पुरले और साथी पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। तीनों आधी रात करीब 12 से 1 बजे के बीच लोहे का हथौड़ा लेकर कंतेली स्थित महामाया मंदिर पहुंचे। पहले चैनल गेट तोड़ा, फिर गर्भगृह में घुसकर देवी प्रतिमा पर चढ़े चांदी के मुकुट, करधन, चांदी के सिक्कों वाली माला, कटहर एवं अन्य आभूषण निकाल लिए। वारदात के बाद तीनों पैदल ही जमकोर पहुंचे। वहां उन्होंने चोरी का पूरा सामान पप्पू गोस्वामी की मां चंपाबाई गोस्वामी के पास छिपाकर रख दिया, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

पूछताछ में खुला एक साल पुराना राज
पुलिस को असली सफलता तब मिली, जब अश्वनी ने पूछताछ के दौरान एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि सिर्फ कंतेली मंदिर ही नहीं, बल्कि वर्ष 2025 में ग्राम कोदवाबानी (चारभाठा रोड) स्थित महामाया मंदिर में हुई चोरी भी उसी गिरोह ने की थी। उस वारदात में मंदिर का ताला तोड़कर करीब 96 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। इस मामले में थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 110/2025 के तहत धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे थे। करीब एक साल बाद उसी आरोपी की स्वीकारोक्ति से यह मामला भी सुलझ गया।
कबीरधाम में भी बनाया मंदिर को निशाना
पूछताछ के दौरान अश्वनी ने पुलिस को बताया कि लगभग 10 से 15 दिन पहले उसने अपने साथियों के साथ जिला कबीरधाम के ग्राम सिल्हाटी स्थित महादेव मंदिर में भी चोरी की थी।वहां से चोरी किए गए आभूषण भी अन्य चोरी के सामान के साथ चंपाबाई गोस्वामी के पास छिपाकर रखे गए थे।जब पुलिस ने मंजीत पुरले और पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी की जानकारी जुटाई तो पता चला कि दोनों किसी अन्य मामले में कवर्धा के पोड़ी जेल में पहले से निरुद्ध हैं। इसके बाद पुलिस ने पप्पू की मां चंपाबाई गोस्वामी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी का सामान अपने पास रखना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी के सभी आभूषण बरामद कर लिए।
1.75 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद
पुलिस ने दोनों मंदिर चोरी प्रकरणों तथा थाना पोड़ी क्षेत्र की चोरी से संबंधित कुल 1 लाख 75 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की। बरामद सामान में-बड़ा चांदी का मुकुट – 6.60 ग्राम,छोटे चांदी के मुकुट – 2 नग (8.400 ग्राम),एक चांदी का मुकुट – 8.100 ग्राम -छोटे चांदी के मुकुट – 2 नग (10.500 ग्राम),चांदी के ढार – 6 नग (7.700 ग्राम),चांदी का करधन – 2.200 ग्राम,चांदी के सिक्कों वाली रूपया माला – 2 नग (24.900 ग्राम),चांदी के करधन – 3 नग (26.700 ग्राम),गैस से गलाए गए चांदी के टुकड़े – 8 नग (8.100 ग्राम),सोने की पत्ती – 6 ग्राम, सोने की पत्ती – 4 नग (5 ग्राम, मोम सहित),थाना पोड़ी क्षेत्र से चोरी गया त्रिकुंड चांदी – 12.600 ग्राम
दो गिरफ्तार, दो पहले से जेल में
गिरफ्तार आरोपी अश्वनी आहिरे, पिता संतोष आहिरे, उम्र 24 वर्ष, निवासी नगपुरा (छिरहा), थाना नवागढ़, जिला बेमेतरा।चंपाबाई गोस्वामी, पति बालाराम, निवासी ग्राम जमकोर, थाना मुंगेली। दोनों को 19 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेज दिया गया। आरोपी मंजीत पुरले, पिता खोमन, उम्र 30 वर्ष, निवासी देवरी, थाना मुंगेली, पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी, पिता बालाराम, उम्र 29 वर्ष, निवासी जमकोर, थाना मुंगेल पहले से जेल में है। ग्राम कंतेली मंदिर चोरी मामले में अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 331(2), 305(डी), 3(5) बीएनएस और ग्राम कोदवाबानी मंदिर चोरी मामले में अपराध क्रमांक 110/2025-धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई।
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