शिखिल ब्यौहार, प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में साधू, सन्यासी और बाबाओं के अनेक रूप देखने और किस्से सुनने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में आवाहन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधूत बाबा के सोने का सिंहासन की भी चर्चा है। पहले एनवायरमेंट बाबा के नाम से तो अब गोल्डन बाबा के नाम से मशहूर है। बाबा दान दक्षिणा नहीं लेते किंतु भक्तों ने सोने का सिंहासन दान दिया है। पहले एनवायरमेंट बाबा के नाम से प्रख्यात रहे महामंडलेश्वर अवधूत ने 01 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प पूरा कर चुके हैं। गोल्डन बाबा मीडिया से दूर रहते हैं हालांकि अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रकाशानंद जी महाराज ने lalluram.com से बात की।
कहा- यह सोने का सिंहासन भक्तों के भावों की देन है। संन्यासी को सोने चांदी से कोई लेना देना नहीं है। स्वर्ण धातु शास्त्रगत परम पवित्र है। भगवान श्रीराम ने मां सीता की स्वर्ण मूर्ति बनवाकर यज्ञ कराया था। भक्तों के भाव से संत का श्रृंगार होता है।प्रकाशानंद जी महाराज का दावा, हमारा अखाड़ा सबसे पुराना है। अखाड़े का ये तीन प्रमुख उद्देश्य- पहला – वक्फ बोर्ड नहीं अब सनातन बोर्ड बने। दूसरा – पुण्यधरा भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो और तीसरा – सनातन के साथ पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण के लिए विश्व जागरण हो।


