चंडीगढ़. बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि आखिर क्या कारण है कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर रेड से पहले पावर कॉर्पोरेशन और उद्योग विभाग के कर्मचारियों को बुलाया. इस सारे मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की है.
बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाते कहा कि मंत्री संजीव अरोड़ा को रेड का पहले ही पता चल गया था इसलिए मंत्री ने पंजाब में उनके परिसर पर छापे से पहले ही कुछ फाइलों को इधर-उधर कर दिया. उन्होंने कहा कि मंत्री संजीव अरोड़ा ने ED रेड से ठीक एक दिन पहले, 16 अप्रैल की सुबह 5 बजे पावर कॉर्पोरेशन और उद्योग विभाग के कर्मचारियों को अपने दफ्तर बुलाया था. इससे यह साबित होता है कि सिस्टम में ही कोई ऐसा व्यक्ति है जो मंत्री के लिए काम कर रहा है.उसी ने रेड से ठीक पहले ही मंत्री अरोड़ा को सारी जानकारी दे दी जिसके चलते छापे से पहले ही उन्होंने कुछ फाइलों को गायब कर दिया.
जांच की करी मांग
मजीठिया ने केंद्रीय एजेंसियों से इस मुद्दे पर जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि रेड से एक दिन पहले की सुबह मंत्री ने कुछ अधिकारियों और दफ्तर के कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया था.उन्हें शक है कि सभी उस दिन रेड से पहले सबूत मिटाने में जुटे थे इसलिए उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों से उन सभी से पूछताछ करने की मांग की है.
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