राउरकेला। रेलवे स्टेशन राउरकेला पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्य प्रवेश द्वार के पास हाल ही में निर्मित एक विशाल शेड अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में शेड के नीचे खड़े 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि इसके नीचे खड़ी एक कार और एक टेम्पो मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

यह घटना सुबह करीब 9 बजे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास हुई। उस समय स्टेशन परिसर में यात्रियों और उनके परिजनों की काफी चहल-पहल थी। अचानक जोर की आवाज के साथ शेड गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत ढहते ही पूरा इलाका धूल और मलबे से भर गया और भगदड़ जैसा माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि यात्रियों और वाहनों को धूप व बारिश से बचाने के लिए इस शेड का निर्माण महज कुछ महीने पहले लगभग 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से किया गया था। इतने कम समय में और इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी शेड का अचानक गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रयुक्त सामग्री और प्रशासनिक देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राउरकेला में सोमवार तड़के से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों का प्राथमिक अनुमान है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ढांचे पर दबाव पड़ा और वह कमजोर होकर गिर गया। हालांकि, स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। जनता का आरोप है कि यह ठेकेदार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही रेलवे और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की टीम मलबे का निरीक्षण कर नुकसान और हादसे के सटीक कारणों का आकलन करने में जुटी है।

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