पलवल/हसनपुर। ब्रज 84 कोस परिक्रमा के दौरान गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। हसनपुर क्षेत्र में यमुना नदी के निकट परिक्रमार्थियों के लिए लगाए गए टेंट पर तेज आंधी-तूफान कहर बनकर टूटा। टेंट उखड़कर गिर गया और उसे संभालने वाले लोहे के पाइप श्रद्धालुओं पर आ गिरे। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल 62 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मथुरा के निकट राया क्षेत्र से महिलाओं का एक जत्था चार दिन पहले ब्रज 84 कोस परिक्रमा के लिए निकला था। गुरुवार दोपहर भीषण गर्मी और यात्रा की थकान के चलते श्रद्धालु हसनपुर से आगे उत्तर प्रदेश सीमा शुरू होने से पहले यमुना नदी के पास लगाए गए एक टेंट में विश्राम कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शी प्रियंका ने बताया कि इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग टेंट के नीचे आ गए। कुछ देर बाद तेज तूफान के साथ आए झोंकों ने टेंट को उखाड़ दिया। टेंट के लोहे के पाइप श्रद्धालुओं पर गिर पड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए।
सिर पर पाइप गिरने से महिला गंभीर घायल
हादसे में प्रियंका की चाची सरोज और उनकी बुआ की सास मोहनी देवी (62) पत्नी बलबीर सिंह निवासी गांव गड़िया नरसू, जिला एटा (उत्तर प्रदेश) गंभीर रूप से घायल हो गईं। मोहनी देवी के सिर पर लोहे का पाइप गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी थी।
परिजनों ने उपचार में देरी का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद डायल-112 पर एम्बुलेंस के लिए सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक सहायता नहीं पहुंची। इसके बाद घायल महिला को ऑटो के माध्यम से हसनपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पलवल रेफर कर दिया गया।
बाद में एम्बुलेंस से जिला नागरिक अस्पताल पलवल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मोहनी देवी को मृत घोषित कर दिया। मृतका के पौत्र मोती सिंह ने आरोप लगाया कि यदि समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो उनकी दादी की जान बच सकती थी।
परिक्रमार्थियों में शोक की लहर
हादसे में घायल अन्य श्रद्धालुओं का उपचार कराया गया है। घटना के बाद परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच शोक और चिंता का माहौल है। वहीं, परिजनों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

