पंचकूला। पंचकूला में सामने आए हरियाणा सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पावर यूटिलिटी सेक्टर में तैनात मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित देवन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।


590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सख्ती मानी जा रही है। मामला अब CBI के पास पहुंच चुका है और आगे की जांच से कई और अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या है आरोप?
सरकारी आदेश के मुताबिक, अमित देवन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कथित रूप से आरोपियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत की।
इससे हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) को आर्थिक नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।

CBI को सौंपी गई जांच
मामले की शुरुआती जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा था। लेकिन अब इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर कर दिया गया है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि समानांतर विभागीय जांच चलने से CBI जांच प्रभावित हो सकती थी और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी थी।

सरकार का सख्त रुख
आदेश में यह भी कहा गया है कि एक वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद अमित देवन से उच्च नैतिक और प्रशासनिक मानकों की उम्मीद थी, लेकिन उनके खिलाफ गंभीर कदाचार के आरोप सामने आए हैं।
सरकार ने आशंका जताई कि अधिकारी अपने पद का उपयोग कर दस्तावेजों में बदलाव या उन्हें नष्ट कर सकते हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

सीधे बर्खास्तगी का बड़ा फैसला
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कर्मचारी (दंड एवं अपील) विनियम, 2018 के तहत विभागीय जांच को दरकिनार करते हुए सीधे बर्खास्तगी का फैसला लिया गया है।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना व्यावहारिक नहीं माना गया।