पुरी/कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी कामयाबी मिली है. राजनीतिक विरोधियों को धमकाने और डराने-धमकाने के मामले में कई हफ्तों से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक दिलीप मंडल को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया गया है. वे पिछले कई दिनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर छिपे हुए थे.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी दिलीप मंडल के बेटे अर्घ्य मंडल की हिरासत के कुछ दिनों बाद हुई है. 18 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के बक्खाली-फ्रेजरगंज इलाके में की गई एक छापेमारी के दौरान अर्घ्य मंडल और पांच अन्य लोगों को अवैध हथियारों के साथ दबोचा गया था. उस दौरान पुलिस ने दो पिस्तौल और छह मोबाइल फोन बरामद किए थे. जांचकर्ताओं का आरोप था कि अर्घ्य इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का काम कर रहा था.

इससे पहले, 14 मई को पुलिस ने पैलान में दिलीप मंडल से जुड़े दो ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन विधायक पहले ही भूमिगत (फरार) हो गए थे. आखिरकार मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करते हुए पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पुरी के एक होटल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विधायक दिलीप मंडल को ट्रांजिट रिमांड पर वापस पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है, जहां उनसे राजनीतिक हिंसा और अवैध हथियारों के नेटवर्क के संबंध में विस्तार से पूछताछ की जाएगी. पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति और हिंसा को लेकर चल रही जांच के बीच एक मौजूदा सत्तारूढ़ विधायक की इस गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है.