भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में करीब 6.88 करोड़ रुपये की लोन धोखाधड़ी के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बैंक की तीन महिला अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार की गई अधिकारियों की पहचान बैशाखी साहा, चारुबाला दंडसेना और सरिता पाइकराय के रूप में हुई है. इन तीनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर कटक की ओपिड (OPID) अदालत में पेश किया गया है.

जांच के अनुसार, बैंक की ये तीनों अधिकारी बिचौलियों के साथ मिलकर फर्जी सैलरी स्लिप, जाली नियुक्ति पत्र, फर्जी बैंक स्टेटमेंट और नकली केवाईसी (KYC) दस्तावेजों के आधार पर धोखे से लोन मंजूर कर रही थीं. यह लोन उन लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जिन्होंने टाटा स्टील, वेदांत लिमिटेड और टीपीसीओडीएल जैसी नामी कंपनियों में फर्जी नौकरी का दावा किया था.

मई 2022 से नवंबर 2023 के बीच भुवनेश्वर की चार प्रमुख एसबीआई शाखाओं रेल विहार, फॉर्च्यून टॉवर, पटिया और डमना स्क्वायर से लगभग 13.92 करोड़ रुपये के 282 ‘एक्सप्रेस क्रेडिट’ लोन पास किए गए. लोन लेने के बाद कई लोगों ने किश्तें नहीं चुकाईं, जिससे ये खाते एनपीए (NPA) में बदल गए और बैंक को सीधे तौर पर 6.88 करोड़ रुपये का चूना लगा.

बैंक की आंतरिक जांच में कामकाज में “गंभीर कमियां” पाए जाने के बाद इन तीनों महिला अधिकारियों को तुरंत निलंबित (Suspend) कर दिया गया था. ईओडब्ल्यू ने छापेमारी के दौरान कई जाली दस्तावेज भी जब्त किए हैं. आपको बता दें कि इस मामले में मुख्य बिचौलिया कहे जाने वाले स्मृति रंजन मोहंती को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. हाल के दिनों में भुवनेश्वर में सामने आए सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक को बेनकाब करने की दिशा में EOW की यह एक बड़ी कार्रवाई है.