रांची। झारखंड में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। एमएमडीआर एक्ट के तहत मिले नए अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सीआईएसएफ ने अब तक 5,800 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही 100 से अधिक अवैध कोयला खनन स्थलों को बंद या सील कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह से अभियान को और तेज किया जाएगा। इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है और खुफिया इनपुट के आधार पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

अमित शाह के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर झारखंड में कोयले से जुड़े अवैध कारोबार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लक्ष्य अवैध खनन, कोयला चोरी और तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना है। इसी रणनीति के तहत सीआईएसएफ ने हाल के दिनों में कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है।

ड्रोन से निगरानी, बढ़ेंगी क्विक रिस्पॉन्स टीमें

सीआईएसएफ अब बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल कर्गली, सीएमपी हजारीबाग और ईसीएल सीतलपुर में क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) की संख्या बढ़ाएगी। इसके अलावा ड्रोन निगरानी, वाहनों की सघन जांच, संयुक्त निरीक्षण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर विशेष छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे।

व्हाट्सऐप रिपोर्टिंग, स्थानीय सूचनाओं और तीन-स्तरीय खुफिया नेटवर्क को भी और मजबूत किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, खान विभाग और रेलवे के साथ संयुक्त अभियान की भी तैयारी है।

221 केस दर्ज, 323 वाहन जब्त

अब तक की कार्रवाई में 221 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं 78 नए अवैध खनन स्थल पकड़े गए हैं। कार्रवाई के दौरान 323 वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें ट्रक, हाइवा, टिपर, ट्रैक्टर, वैन, ट्रॉली, 150 मोटरसाइकिल, 140 साइकिल और 10 स्कूटी समेत अन्य वाहन शामिल हैं।

रांची में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

सीआईएसएफ के पूर्वी क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक सुधीर कुमार ने रांची पहुंचकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में परिचालन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई और अधिकारियों को बेहतर समन्वय, सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देने को कहा गया।

बैठक में महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक सहित बिहार और झारखंड में तैनात सीआईएसएफ की विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त महानिदेशक ने जवानों के अनुशासन और कार्यशैली की सराहना करते हुए राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में उच्चतम मानकों का पालन करने पर बल दिया।