सोनीपत। सोनीपत में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पुलिस अधिकारी बताकर 71 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और उनसे 7,55,206 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने बुजुर्ग को आतंकियों की फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों में फंसाने की धमकी देकर कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल
पीड़ित रामरूप ने साइबर थाना में दर्ज शिकायत में बताया कि 17 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को “एएसआई संदीप राव” बताते हुए कहा कि उनका नाम टेरर फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों में सामने आया है। इतना ही नहीं, आरोपियों ने दावा किया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।
‘हाउस अरेस्ट’ का डर दिखाकर वसूले लाखों रुपये
साइबर ठगों ने बुजुर्ग को “हाउस अरेस्ट” किए जाने की बात कहकर इतना डरा दिया कि उन्होंने किसी को भी जानकारी नहीं दी। आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचाने और जांच बंद करवाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। डर और मानसिक दबाव में आकर बुजुर्ग ने कुल 7,55,206 रुपये आरोपियों को भेज दिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना सोनीपत ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है।
क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’?
हाल के महीनों में “डिजिटल अरेस्ट” के मामले तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन पर डराते हैं और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठ लेते हैं। पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

