देवघर। श्रावणी मेला के बीच देवघर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुनसान इलाके में बैठकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क चला रहे 10 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक और ऑफर का झांसा देते थे और OTP समेत अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे।

जंगल और सुनसान इलाके में बैठकर चलाते थे ठगी का नेटवर्क

एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर डीएसपी कैलाश महतो के नेतृत्व में टीम ने पथरड्डा ओपी थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध जंगल और सुनसान इलाके में बैठकर मोबाइल के जरिए साइबर ठगी कर रहे हैं।

कस्टमर केयर अधिकारी बनकर मांगते थे OTP

पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिजिटल पेमेंट कंपनियों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। इसके बाद कैशबैक या अन्य ऑफर का लालच देकर OTP और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे।

22 मोबाइल और 19 सिम कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में कई मोबाइल नंबरों के पहले भी साइबर अपराध में इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई है। बरामद मोबाइल और सिम के आधार पर पुलिस नेटवर्क की आगे की कड़ियां खंगाल रही है।

दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल

साइबर डीएसपी कैलाश महतो के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार दास और रमेश कुमार दास पहले भी साइबर थाना कांड में जेल जा चुके हैं। अन्य आरोपियों की पहचान लॉबिंद दास, बबलू कुमार दास, झूलन दास, राहुल, सफाउल्लाह अंसारी, अजीत दास, आशीष दास और सिंटू कुमार के रूप में हुई है।

श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु भी थे निशाने पर

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों की नजर श्रावणी मेला में देवघर पहुंचने वाले बाहरी श्रद्धालुओं पर भी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को भी साइबर ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में थे। कार्रवाई से पहले ही पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।श्रावणी मेला के बीच हुई इस कार्रवाई को साइबर ठगी के खिलाफ देवघर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।