शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ED ने तीन अलग-अलग मामलों में कड़ा शिकंजा कसते हुए कुल 24.14 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को अटैच (जब्त) कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई की जद में एक पूर्व जिला आबकारी अधिकारी, NTPC के पूर्व एजीएम और NCL के पूर्व सीएमडी आए हैं। ED द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में भारी मात्रा में अचल संपत्ति (जमीन-मकान), नगदी और सोने-चांदी के जेवरात शामिल हैं।

पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया पर सबसे बड़ी गाज

ED की इस कार्रवाई में सबसे बड़ी चोट पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया पर पड़ी है। जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 18.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। भदौरिया के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद ED ने यह कदम उठाया।

NTPC के पूर्व AGM की ₹3.15 करोड़ की संपत्ति कुर्क

दूसरे मामले में ED ने नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के पूर्व एडिशनल जनरल मैनेजर (AGM) राकेश कुमार उपाध्याय को घेरे में लिया है। भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले की कड़ियां जोड़ते हुए ED ने उपाध्याय की 3.15 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को फ्रीज कर दिया है।

NCL के तत्कालीन CMD भोला सिंह भी नपे

तीसरी बड़ी कार्रवाई नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के तत्कालीन चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (CMD) भोला सिंह के खिलाफ हुई है। ED ने पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के तहत कार्रवाई करते हुए भोला सिंह की 2.79 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है।

एजेंसियों की रडार पर कई और नाम

भोपाल स्थित ED सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों ही मामलों में जब्त की गई संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के जरिए कमाए गए काले धन को सफेद करने के लिए कई बेनामी संपत्तियों और फर्जी कंपनियों का सहारा लिया गया था। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कुछ और रसूखदार लोगों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

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