० 40 हजार रुपये के फर्जी नोटों से खुली परतें, कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच तेज
फरीदाबाद। नकली नोटों के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान पुलिस ने फरीदाबाद के बसंतपुर गांव में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, उपकरण और संदिग्ध नकली नोट बरामद किए हैं।
दौसा कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार के अनुसार, मामले की शुरुआत आयुष मीणा नामक युवक की गिरफ्तारी से हुई थी। उसके कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी कम कीमत पर नकली नोट बेचकर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।
आयुष मीणा से पूछताछ के बाद पुलिस ने राजस्थान के करावपुरा क्षेत्र से कुलदीप गुर्जर नामक एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को नकली नोटों के पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
इन्हीं सुरागों के आधार पर राजस्थान पुलिस की टीम ने दिल्ली होते हुए फरीदाबाद के बसंतपुर गांव में दबिश दी। गली नंबर-1 स्थित एक किराए के मकान में रह रहे 32 वर्षीय संतोष को हिरासत में लिया गया।

फरार होने की थी तैयारी, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आरोपी नकली नोट छापने वाले प्रिंटर और अन्य उपकरणों को वाहन में रखकर फरार होने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया। मौके से नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, प्रिंटर और कुछ संदिग्ध नोट बरामद किए गए हैं।
कई राज्यों में नेटवर्क फैले होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी मात्रा में नकली नोट बाजार में पहुंचाए जा चुके हैं और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
राजस्थान पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह के संचालन और इसके विस्तार को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं।

