० CM नायब सैनी का बड़ा फैसला, छोटे और पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने छोटे और पट्टे (बटाई) पर खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर अब ई-खरीद (e-Procurement) के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की फसल बिक्री को फैमिली आईडी (PPP) की वार्षिक आय में शामिल नहीं किया जाएगा। इस फैसले से लाखों किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने बताया कि ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल के आधार पर दर्ज फसल बिक्री का मूल्य अब परिवार की आय का हिस्सा नहीं माना जाएगा। अब केवल 5 लाख रुपये से अधिक की ई-खरीद का डेटा ही आय निर्धारण के लिए आधार बनेगा।
छोटे किसानों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ तीन एकड़ तक खेती करने वाले किसानों और पट्टे (बटाई) पर खेती करने वालों को मिलेगा। पहले फसल बिक्री की पूरी राशि आय में जुड़ने से कई परिवारों की वार्षिक आय वास्तविक से अधिक दर्ज हो जाती थी, जिसके कारण वे सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते थे।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा पूरा लाभ
डॉ. खोला ने बताया कि किसानों की मांग और सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है, ताकि कोई भी पात्र किसान केवल तकनीकी त्रुटि या डेटा संबंधी विसंगति के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से लाखों छोटे और मध्यम किसान परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति के आधार पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

