अनिल शर्मा, बराड़ा। करनाल कॉलोनी में बुजुर्ग महिला से दिनदहाड़े हुई लूट के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मुठभेड़ के दौरान घायल होकर गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस वारदात के मास्टरमाइंड दलीप उर्फ विक्की की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, जो अभी भी फरार है।

बुधवार देर रात सीआईए नारायणगढ़ टीम ने बराड़ा फ्लाईओवर के नीचे हुई मुठभेड़ के बाद वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी थी। उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से तीन दिन का रिमांड मिला।

दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से लूटे थे जेवर

गौरतलब है कि 26 मई को बराड़ा की करनाल कॉलोनी में घर में अकेली बैठी बुजुर्ग महिला विद्या देवी से तीन बदमाशों ने सोने के जेवर लूट लिए थे। विरोध करने पर आरोपियों ने पिस्तौल की बट से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।

उत्तर प्रदेश के दो आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उधम पुत्र सुरेश कुमार निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) और ऋतिक पुत्र राजेश कुमार निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वारदात की पूरी साजिश दलीप उर्फ विक्की ने रची थी।

जेल में बनी थी लूट की योजना

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी दलीप और ऋतिक की मुलाकात सहारनपुर जेल में हुई थी। वहीं दोनों ने बराड़ा में लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। दलीप पहले बराड़ा क्षेत्र में रह चुका है और इलाके की पूरी जानकारी रखता था।

घर की रेकी कर किया था हमला

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले आरोपी काफी देर तक कॉलोनी में घूमते रहे। घर के बाहर कार खड़ी होने के कारण वे अंदर नहीं गए। जैसे ही कार वहां से हटी, तीनों बदमाश घर में घुस गए और लूट की वारदात को अंजाम दिया।

कई मामलों में शामिल हैं आरोपी

बराड़ा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। ऋतिक के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मारपीट सहित तीन मामले दर्ज हैं, जबकि उधम पर भी एक मामला दर्ज है। वहीं फरार दलीप उर्फ विक्की के खिलाफ बराड़ा में रंगदारी मांगने और पुलिस से मारपीट करने के मामले दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है और फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।