रांची। झारखंड में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस अभियान के बीच संगठन के शीर्ष चेहरों में शामिल एक करोड़ रुपये का इनामी असीम मंडल अब पुलिस के रडार पर है। उसके दस्ते के तीन प्रमुख सदस्यों के पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण करने के बाद असीम मंडल के भी जल्द सरेंडर करने की संभावना जताई जा रही है।
झारखंड पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल में डेरा डाले हुए है और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ के जरिए असीम मंडल तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
बंगाल में तीन साथियों ने डाला हथियार
असीम मंडल के दस्ते से जुड़े रामप्रसाद मार्डी, मीता उर्फ नयनतारा और बुलु उर्फ गौरी ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में आत्मसमर्पण किया है।
रामप्रसाद पर 15 लाख रुपये और मीता पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस असीम मंडल के संभावित ठिकानों और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
झारखंड-बंगाल सीमा पर सक्रिय था असीम का दस्ता
खुफिया एजेंसियों को लंबे समय से असीम मंडल के दस्ते की मौजूदगी झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में होने की जानकारी मिल रही थी। अब उसके दस्ते के सदस्यों के लगातार कमजोर पड़ने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि असीम मंडल भी संगठन छोड़ सकता है।
असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह अपने करीबियों के संपर्क में है और बंगाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की तैयारी कर सकता है।
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद बदला फैसला
बताया जा रहा है कि असीम मंडल के आत्मसमर्पण की संभावना पहले भी बनी थी। उसके समकक्ष और एक करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा के आत्मसमर्पण के बाद असीम भी सरेंडर करने पर विचार कर रहा था।
हालांकि, मिसिर बेसरा की झारखंड पुलिस द्वारा धनबाद से गिरफ्तारी के बाद असीम ने कथित तौर पर झारखंड में आत्मसमर्पण का इरादा बदल दिया और पश्चिम बंगाल चला गया।
अब झारखंड में बचे सिर्फ 14 वांटेड माओवादी
पुलिस के मुताबिक, राज्य में अब विभिन्न माओवादी संगठनों के कुल 14 वांटेड सदस्य बचे हैं। इनमें:भाकपा माओवादी के 9, TSPC के 3 और PLFI के 2 माओवादी शामिल हैं।
इनमें भाकपा माओवादी के एक करोड़ के इनामी असीम मंडल के अलावा 15 लाख, 10 लाख, 5 लाख और 2 लाख रुपये तक के इनामी माओवादी शामिल हैं।
TSPC और PLFI के भी सदस्य पुलिस की तलाश में
TSPC के तीन वांटेड माओवादियों में 25 लाख रुपये का इनामी सुप्रीमो ब्रजेश सिंह गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरकार प्रमुख है। इसके अलावा 10 लाख और एक लाख रुपये के इनामी सदस्य भी फरार हैं।वहीं PLFI के दो वांटेड सदस्यों पर दो लाख और एक लाख रुपये का इनाम घोषित है।
पुलिस का मानना है कि संगठन के कई सक्रिय सदस्य झारखंड छोड़कर पड़ोसी राज्यों में जा चुके हैं। ऐसे में अब रणनीति उन्हें गिरफ्तार करने के साथ आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर भी केंद्रित है।



