रांची। झारखंड की बहुचर्चित हाई स्कूल शिक्षक भर्ती में नियुक्ति को लेकर चल रही जांच के बीच वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने JSSC से संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट तलब की है। वर्ष 2016 की स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों की जांच कर रहे कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार विषयवार और कोटिवार संशोधित मेरिट लिस्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

17,752 पदों की भर्ती, करीब 10 हजार नियुक्तियां

वर्ष 2016 में JSSC ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों के 17,752 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें से करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि शेष पद अभी भी रिक्त बताए जा रहे हैं।

भर्ती प्रक्रिया में जिलावार और स्टेट वाइज मेरिट लिस्ट के आधार पर नियुक्तियां किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसी व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार नियुक्ति से बाहर हो गए।

कमीशन ने JSSC से मांगा पूरा रिकॉर्ड

शनिवार को रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता वाले कमीशन के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कमीशन ने JSSC को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप तैयार की गई संशोधित मेरिट लिस्ट पेश करने का निर्देश दिया है।इस लिस्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि विषय और आरक्षण कोटिवार संशोधन के बाद अभ्यर्थियों की स्थिति क्या बनती है।

सरकार ने मांगा दो सप्ताह का वक्त

राज्य सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने नियुक्तियों से संबंधित शपथ पत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। यह शपथ पत्र JSSC द्वारा सरकार को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर की गई नियुक्तियों से संबंधित होगा।प्रार्थियों और सरकार का पक्ष सुनने के बाद कमीशन ने सुनवाई टाल दी है। अब 26 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद हो रही जांच

हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में कथित गड़बड़ियों की जांच हाई कोर्ट के आदेश के बाद गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन कर रहा है। शनिवार की ऑनलाइन सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, शेखर प्रसाद गुप्ता और राजेश कुमार समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा।

अब अगली सुनवाई में संशोधित मेरिट लिस्ट और सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले शपथ पत्र पर आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।