जींद। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के बीच जींद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के नागरिक अस्पताल में विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी कर्मचारी पर एक दिव्यांग व्यक्ति से उसका हैंडीकैप सर्टिफिकेट रिन्यू यानी नवीनीकरण कराने के एवज में हजारों रुपये ऐंठने का आरोप है। इस औचक छापेमारी के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है।
दिव्यांग सर्टिफिकेट के बदले मांगे थे 44 हजार रुपये
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जींद के फूलिया खुर्द गांव के रहने वाले सोनू (पुत्र सूर्या राम) ने अपने दिव्यांग प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि सीएमओ कार्यालय में तैनात ड्राइवर जगदीश (पुत्र हीरा सिंह), जो खुद भी फूलिया खुर्द गांव का ही निवासी है, ने इस काम को कराने के बदले सोनू से 44 हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता सोनू रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने इस बात की लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग को सौंप दी।
सिरसा विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर पकड़ा
सोनू की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले का पूरी तरह सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक पुख्ता योजना तैयार की। सिरसा एसीपी यूनिट के इंस्पेक्टर सुरेश कुमार के नेतृत्व में गठित की गई विजिलेंस की विशेष टीम ने जींद के नागरिक अस्पताल में छापेमारी की। जैसे ही शिकायतकर्ता सोनू ने आरोपी ड्राइवर जगदीश को केमिकल लगे 44 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पास में घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि भी मौके पर ही बरामद कर ली।
दफ्तर में मची अफरा-तफरी, कानूनी कार्रवाई शुरू
अस्पताल परिसर में हुई इस अचानक कार्रवाई के बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। विजिलेंस टीम ने बरामद की गई रकम को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद आरोपी ड्राइवर को आगे की पूछताछ और रिमांड के लिए विजिलेंस कार्यालय ले जाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की गहन जांच की जा रही है।

