Lifestyle Desk – बरसात का मौसम जहां तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं अपने साथ नमी, सीलन और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण भी बना देता है। घर के सभी हिस्सों में इसका असर दिखाई देता है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित बाथरूम होता है। यहां पहले से ही पानी और नमी मौजूद रहती है, इसलिए मॉनसून के दौरान फंगस, बैक्टीरिया और फफूंद तेजी से फैलने लगते हैं। यदि बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली कुछ जरूरी चीजों को समय पर नहीं बदला जाए, तो ये बदबू, एलर्जी, त्वचा संबंधी समस्याओं और संक्रमण का कारण बन सकती हैं। ऐसे में बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ बाथरूम की कुछ चीजों को बदलना और उनकी नियमित सफाई करना सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

बाथ टॉवल और हैंड टॉवल को सूखा रखें

सबसे पहले बात करें बाथ टॉवल और हैंड टॉवल की। मॉनसून में तौलिए देर से सूखते हैं, जिससे उनमें नमी बनी रहती है और बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। लंबे समय तक एक ही तौलिया इस्तेमाल करने से त्वचा पर खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए तौलिए को हर दो से तीन दिन में धोना चाहिए और यदि वह पुराना हो गया है या उसमें लगातार बदबू आती है, तो उसे बदल देना बेहतर रहेगा।

टूथब्रश में जल्दी होते हैं बैक्टीरिया

टूथब्रश भी ऐसी चीज है जिसे लोग अक्सर समय पर बदलना भूल जाते हैं। बाथरूम की नमी के कारण टूथब्रश के ब्रिसल्स में बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। यदि आपका ब्रश तीन महीने से ज्यादा पुराना है या उसके ब्रिसल्स फैल गए हैं, तो उसे तुरंत बदल दें। साथ ही ब्रश को हमेशा सूखी और खुली जगह पर रखें ताकि उसमें नमी जमा न हो।

लूफा को भी गीला ना छोड़ें

मॉनसून में लूफा या नहाने वाला स्पंज भी संक्रमण का कारण बन सकता है। इसका लगातार गीला रहना बैक्टीरिया और फफूंद के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लूफा को हर तीन से चार सप्ताह में बदल देना चाहिए। इस्तेमाल के बाद इसे अच्छी तरह धोकर सूखी जगह पर टांगना भी जरूरी है।

बाथरूम मैट भी ना रहे गीला

बाथरूम मैट पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। गीला मैट लंबे समय तक नमी सोखकर रखता है, जिससे उसमें फफूंद और दुर्गंध पैदा होने लगती है। यदि मैट बहुत पुराना हो गया है या साफ करने के बाद भी उसमें बदबू बनी रहती है, तो उसे बदल देना चाहिए। साथ ही इसे नियमित रूप से धोकर धूप में सुखाना भी जरूरी है।

शॉवर कर्टेन में आ जाते हैं काले धब्बे

अगर आपके बाथरूम में शॉवर कर्टेन लगा है, तो उसकी भी समय-समय पर जांच करें। लगातार नमी के संपर्क में रहने से उस पर फफूंद के काले धब्बे बनने लगते हैं। ऐसे पर्दों को नियमित रूप से साफ करें और जरूरत पड़ने पर नया शॉवर कर्टेन लगाएं, ताकि बाथरूम साफ और स्वच्छ बना रहे।

उन चीजों में भी जल्दी फैलता है बैक्टीरिया

इसके अलावा साबुनदानी, टूथब्रश होल्डर और अन्य प्लास्टिक एक्सेसरीज भी बैक्टीरिया का घर बन सकती हैं। इन पर जमा पानी और गंदगी संक्रमण फैलाने का कारण बन सकते हैं। यदि इनमें दरारें आ गई हैं या फफूंद जम गई है, तो इन्हें बदल देना बेहतर होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून में केवल बाथरूम की चीजें बदलना ही काफी नहीं है, बल्कि पूरे बाथरूम को साफ, सूखा और हवादार रखना भी जरूरी है। एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें, खिड़कियां खुली रखें और नियमित रूप से फर्श व दीवारों की सफाई करें। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप न सिर्फ अपने बाथरूम को स्वच्छ रख सकते हैं, बल्कि पूरे परिवार को बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन के खतरे से भी बचा सकते हैं।