TMC के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को मचे सियासी और कानूनी लड़ाई के बीच ममता बनर्जी गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बहुत बड़ी राहत दी है. ममता बनर्जी को ये राहत तीन बैंक खातों के संचालन पर मिली है, जिससे अब TMC फंड का इस्तेमाल कर पाएगी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव चिह्न में किया गया बदलाव केवल आगामी उपचुनावों तक ही सीमित है.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा नाम और प्रतीक पर अंतरिम रोक के बावजूद ममता तृणमूल को अपने तीन बैंक खातों का संचालन जारी रखने की अनुमति दी है.

ममता बनर्जी के TMC को फंड इस्तेमाल करने के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने साफ किया है कि चुनाव चिन्ह में बदलाव का बैंक खातों के इस्तेमाल पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पार्टी अपने तीनों बैंक खातों का संचालन पूर्व आदेश के तहत ही करती रहेगी.

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अकाउंट ऑपरेशन को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि ममता तृणमूल का कोई भी दो ऑथराइज्ड व्यक्ति तीनों अकाउंट के चेक पर साइन कर सकते हैं. स्पेशल ऑफिसर चेक पर साइन करेंगे. फिर बैंक पैसे देगा.

निजी बैंक में तृणमूल के तीन खातों को पुलिस ने अवैध लेनदेन के आरोप में फ्रीज किया था। इसके खिलाफ दायर याचिका पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने नौ जुलाई को खातों के संचालन के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया था.

ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर ‘तृणमूल कांग्रेस’ की नींव रखी थी. पिछले 28 वर्षों से ‘जोड़ाफूल’ (घास पर दो फूल) और ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का नाम ममता बनर्जी की राजनीतिक पहचान का आधार रहा है. पार्टी के नाम और 28 साल पुराने ऐतिहासिक चुनाव चिन्ह के छिन जाने के बाद ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर इसी हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है.

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