इदरीश मोहम्मद, पन्ना। कहते हैं कि हौसले के आगे उम्र की कोई सीमा नहीं होती। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से साहस की मिसाल पेश करते हुए वाक्या सामने आया है। जहां एक 85 वर्षीय बुजुर्ग ने खूंखार तेंदुए को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
घटना पवई वन परिक्षेत्र के नारदपुर गांव की है। 85 वर्षीय अर्जुन सिंह अपनी गुमशुदा भैंस को ढूंढने के लिए जंगल की ओर निकले थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे एक तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। तेंदुए ने सीधे उनकी गर्दन को अपना निशाना बनाया।
वहीं जब मौत सामने खड़ी थी, तब अर्जुन सिंह ने घुटने टेकने के बजाय उसका डटकर मुकाबला करने का फैसला किया। उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए तेंदुए का एक कान कसकर पकड़ लिया और दूसरे हाथ में मौजूद डंडे से उसकी जमकर कुटाई शुरू कर दी। करीब 5 मिनट तक बुजुर्ग और तेंदुए के बीच यह खूनी संघर्ष चलता रहा। आखिरकार बुजुर्ग के फौलादी हौसलों के आगे तेंदुए को हार माननी पड़ी और वह दुम दबाकर वापस जंगल की ओर भाग गया।
तेंदुए के इस जानलेवा हमले में अर्जुन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी सतर्क हो गई है।
वनरक्षक रवि कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा बुजुर्ग को हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अर्जुन सिंह के इस अदम्य साहस की चर्चा हर जगह हो रही है। लोगों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर ऐसी जांबाजी दिखाना वाकई किसी ‘बाहुबली’ से कम नहीं है।

