भिवानी। ढाणी लक्ष्मण गांव की 19 साल की मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में अब पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI Investigation) से इस पूरे मामले की अब तक की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। विशेष न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत ने सीबीआई को आदेश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 9 जून तक का समय दिया है। दरअसल, मृतका के परिजन संजय कुमार ने अदालत में याचिका (Court Petition) दायर कर पूछा था कि आखिर जांच कहां तक पहुंची है?

परिवार का दर्द: हमें कुछ नहीं बताया जा रहा

मनीषा के परिवार ने कोर्ट में दायर याचिका में गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि सीबीआई इस केस को हाथ में लेने के बाद भी उन्हें अंधेरे में रख रही है। परिवार को यह तक नहीं पता कि, जांच अभी किस स्टेज पर पहुंची है?, क्या किसी आरोपी (Accused Identification) की पहचान हो पाई है?, फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट (Forensic Report Status) आई या नहीं? और चार्जशीट दाखिल होने और जांच पूरी होने में कितना वक्त लगेगा?

परिजनों ने बताया कि उन्होंने बीते 10 मार्च 2026 को ही सीबीआई डायरेक्टर (CBI Director Complaint) को पत्र लिखकर जांच में ढिलाई बरतने और कमजोर धाराएं लगाने की शिकायत की थी। लेकिन, वहां से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

बैरागी समाज नाराज, 7 जून को खाप और सामाजिक संगठनों की महापंचायत

इस बीच रविवार को पंचकूला में बैरागी समाज की एक राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में समाज के नेताओं और मनीषा के माता-पिता ने सीबीआई की कार्यशैली पर गहरा गुस्सा जताया।

बैरागी समाज के प्रदेश प्रधान शिव पवार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि, सीबीआई की कछुआ चाल से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलता नहीं दिख रहा। अगर जांच एजेंसी ने जल्द ही आरोपियों को दबोचकर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो पूरे हरियाणा में एक बड़ा आंदोलन (Haryana Protest) शुरू किया जाएगा।

वहीं, समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आगामी 7 जून को मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में तमाम सामाजिक संगठनों और खाप प्रतिनिधियों की एक बड़ी महापंचायत (Mahapanchayat in Bhivani) बुलाई गई है। इस महापंचायत में जो भी फैसला होगा, उसी के आधार पर आगे की आर-पार की रणनीति तय की जाएगी।