रोहतक. हरियाणा की स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। इस केस के दोनों शूटरों आशीष अहलावत और दीपक को आज रोहतक से शिमला ले जाया जाएगा। शिमला पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी और उनसे गहन पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी। इस पूछताछ के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर किसके कहने पर मनीषा का मर्डर किया गया।

प्रॉपर्टी विवाद में गई जान, भाई ने आरोपों को नकारा

यह सनसनीखेज वारदात शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में 13 जून को हुई थी। बताया जा रहा है कि मनीषा का अपने भाई हिमांक मित्तल के साथ स्कूल की प्रॉपर्टी को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी बीच भाई हिमांक ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। हिमांक का कहना है कि उसका इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। हिमांक ने बताया कि 1 जून को उस पर भी हमला हुआ था, जिसमें उसके हाथ-पैर की हड्डी टूट गई थी। वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पहुंचे थे शूटर

शिमला पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों शूटर हरियाणा नंबर की सफेद रंग की स्विफ्ट कार से शिमला पहुंचे थे। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने गाड़ी पर हिमाचल प्रदेश की नकली नंबर प्लेट लगा रखी थी। वारदात के समय दोनों ने अपने चेहरे को मास्क से ढक रखा था। प्रत्यक्षदर्शी सिक्योरिटी गार्ड यशपाल के मुताबिक, जैसे ही मनीषा स्कूल परिसर में वापस आईं, दोनों ने उन पर गोली चला दी और फरार हो गए।

लिंक रोड से भागे और पकड़े गए

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मुख्य सड़क के बजाय गांव के अंदरूनी रास्तों यानी लिंक रोड का इस्तेमाल किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल भी बरामद हुई हैं। दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अब तक पुलिस मनीषा के भाई, पति और पार्टनर सहित करीब 20 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।