करनाल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मीडिया से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान और वैश्विक संकटों पर सरकार के रुख को स्पष्ट किया।
लक्ष्य वर्मा, करनाल। जिले में आयोजित जिला स्तरीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर पहुंचे। इस दौरान मीडिया से विशेष बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के सांगठनिक शिविरों के माध्यम से अनेकों महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाती है। शिविर के मुख्य विषयों में विकास के विभिन्न कार्य और केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाएं शामिल हैं, जिनकी प्रगति पर सभी कार्यकर्ता मिलकर मंथन कर रहे हैं।
हुड्डा के संन्यास और पश्चिम एशिया संकट पर दिया बड़ा बयान
भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अपने बीच चल रही हालिया बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उम्र में हुड्डा जी मुझसे काफी बड़े हैं, इसलिए मैं तो उनके पीछे-पीछे ही आऊंगा। अगर वह आज राजनीति से संन्यास ले लेते हैं, तो मैं भी उसी दिन संन्यास ले लूंगा। इसके आगे उन्होंने वैश्विक हालातों पर बोलते हुए कहा कि आज देश की आवश्यकताएं अलग हैं; जिस प्रकार पश्चिम एशिया का संकट चला है, उसकी वजह से वैश्विक स्तर पर काफी प्रभाव पड़ा है।

‘देश में अनाज का संकट आने पर किया था ऐसा ही आह्वान’
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से इस संकट के समय सहयोग का आह्वान किया है क्योंकि इन परिस्थितियों के कारण कठिनाइयां आ रही हैं और कीमतें भी बढ़ी हैं। जब इस प्रकार की राष्ट्रीय अपील की जाती है, तो जनता इसके बारे में गंभीरता से सोचती है। उन्होंने याद दिलाया कि एक बार पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने भी देश में अनाज का संकट आने पर ऐसा ही आह्वान किया था, जिसके बाद एक समय का भोजन छोड़ने वाले लाखों लोग आगे आए थे और आज भी पार्टी स्तर से ऊपर उठकर कई लोग इस दिशा में सोच रहे हैं।

वर्क फ्रॉम होम और बढ़ती जनसंख्या पर बेबाक टिप्पणी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो काम वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) के जरिए नहीं किए जा सकते, उनके लिए तो बाहर जाना ही पड़ेगा; समाज में कई ऐसे काम होते हैं जिन्हें बाहर निकलकर ही पूरा किया जा सकता है, सरकार ने केवल उन्हीं कार्यों के लिए यह आह्वान किया है जो घर से संभव हैं।

‘हमारी आबादी हमारे लिए कोई श्राप नहीं’
वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बच्चों और आर्थिक प्रोत्साहन वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह उनका अपना व्यक्तिगत विचार हो सकता है, लेकिन हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है। आज भारत की जनसंख्या लाभांश (Population Dividend) के स्तर पर है और हमारी आबादी हमारे लिए कोई श्राप नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में लोग अक्सर कहते थे कि जनसंख्या एक अभिशाप है, लेकिन हम इस जनशक्ति का सकारात्मक उपयोग देश के नवनिर्माण में और दुनिया की सहायता करने में पूरी मुस्तैदी से करेंगे।

