मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को दिल्ली में एक बार फिर कई किसान, छात्र और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि चुनाव आयोग तक मार्च निकालने जा रहे हैं। यह मार्च दोपहर एक बजे प्रस्तावित है। इसमें SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध जताया जाएगा। इस मार्च में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, किसान नेता राकेश टिकैत और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है। संयुक्त किसान मोर्चा, आइसा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने भी मार्च में हिस्सा लेने की घोषणा की है। इसके अलावा महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी इस विरोध मार्च में शामिल होंगे।

कहां से निकलेगा मार्च?

शुक्रवार को प्रस्तावित मार्च के लिए प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब पर एकत्र होंगे। यहां से मार्च गोल डाकखाना और गोल मार्केट होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाएगा। इस प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों, छात्र संगठनों, किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी है। मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। प्रदर्शन को देखते हुए संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन

इस मार्च में सिविल सोसाइटी के साथ छात्र और किसान संगठन भी हिस्सा लेंगे। आयोजकों का दावा है कि 300 से अधिक संगठनों ने मार्च को समर्थन दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसमें एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने, हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारी इन मांगों के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराना चाहते हैं।

निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर भी मार्च में होंगे शामिल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को प्रस्तावित मार्च में कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी और किसान नेता राकेश टिकैत के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर भी शामिल होंगे। मार्च के लिए जारी पोस्टर में अभिजीत दीपके और आइशी घोष के नाम भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी एसआईआर में कथित अनियमितताओं का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाएंगे।

नेहा बोरा की याचिका पर आज हाईकोर्ट का फैसला

इस बीच, प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में नेहा बोरा की याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आने की संभावना है। बोरा ने पुलिस की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देते हुए अदालत से उसे रद्द करने और अपने खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। सुनवाई के दौरान बोरा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करते समय अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि महज ‘कट-एंड-पेस्ट’ के आधार पर आदेश जारी किया।

दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने पुलिस की ओर से जारी नोटिस में लगाए गए आरोपों का जिक्र किया। वकील के अनुसार, नोटिस में बोरा पर मंडी हाउस के गोल चक्कर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान जोर-जोर से चिल्लाने, निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद जंतर-मंतर और उसके आसपास प्रदर्शन संबंधी गतिविधियों में हिस्सा लेने के आरोप लगाए गए हैं।

नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने लोगों को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित एक कथित अनधिकृत प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया और उचित अनुमति के बिना राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सुनवाई के दौरान बोरा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करते समय स्वतंत्र रूप से अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया।

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