रोहेड़ा गांव में 10 लाख की लागत से तैयार शहीद स्मारक और प्रतिमा का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा, लेकिन जिला प्रशासन की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।

सूबे सिंह मोर, कैथल। जिले के रोहेड़ा गांव में किठाना मार्ग पर स्थित चौक पर शहीद लांस नायक नरेंद्र संधु की स्मृति में निर्मित स्मारक और उनकी भव्य प्रतिमा का भावपूर्ण अनावरण किया गया। राजपूताना राइफल्स (राज राइफल्स) द्वारा जयपुर में विशेष रूप से तैयार करवाई गई इस प्रतिमा पर लगभग 8 लाख रुपये की लागत आई है, जबकि पूरे स्मारक निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं पर कुल 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस गौरवशाली अवसर पर हिसार के सांसद जयप्रकाश (जेपी) और पंचायत सदस्य शीलू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भारी जनसहभागिता देखने को मिली, जहाँ गांव और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से शहीद को नमन किया।

पूर्व सैनिकों का जोश और प्रशासनिक दूरी

शहीद के सम्मान में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने भाग लेकर अपने साथी जांबाज को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने अतिथियों के स्वागत और सेवा सत्कार में कोई कमी नहीं छोड़ी। हालांकि, इस पुनीत कार्य के बीच जिला प्रशासन की अनुपस्थिति ने एक विवाद को जन्म दे दिया। शहीद के चाचा बीरबल संधु ने मीडिया से बातचीत में अपना दुख साझा करते हुए बताया कि समारोह के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को विधिवत निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन केवल राजौंद थाना प्रभारी ही मौके पर पहुंचे। किसी भी जिला या उपमंडल स्तर के बड़े अधिकारी का न आना परिजनों को काफी खला।

अधूरे वादे और भविष्य की उम्मीदें

स्मारक के उद्घाटन के बाद शहीद के परिजनों ने सरकार द्वारा किए गए पुराने वादों की याद दिलाई। बीरबल संधु ने कहा कि शहीद के शोक के समय हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गांव में उनके नाम पर एक बड़े अस्पताल के निर्माण का आश्वासन दिया था, जो फाइल अभी तक अटकी हुई है। इसके अलावा, शहीद के भाई वीरेंद्र को सरकारी नौकरी देने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से मांग की है कि शहीद के बलिदान का सम्मान करते हुए इन घोषणाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए ताकि देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले वीरों के परिवारों को संबल मिल सके।