​Automobile Desk : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अगस्त 2026 से अपने वाहन पोर्टफोलियो की दरों में समीक्षा करते हुए संशोधन किया है। कच्चे माल (रॉ मटेरियल) की बढ़ती लागत और वैश्विक आर्थिक कारकों से पड़ रहे वित्तीय दबाव को संतुलित करने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है। मूल्य वृद्धि का यह प्रभाव कंपनी के अरेना (Arena) और नेक्सा (Nexa), दोनों ही रीटेल नेटवर्क के माध्यम से बिकने वाले अधिकांश लोकप्रिय मॉडल्स पर पड़ा है।

​मारुति सुजुकी के इस नए प्राइस रिवीजन में सबसे अधिक बढ़ोतरी प्रीमियम हैचबैक बलेनो (Baleno) में देखने को मिली है, जिसकी दरें ₹30,000 तक बढ़ गई हैं। उल्लेखनीय है कि कंपनी बलेनो के नए फेसलिफ्ट वेरिएंट पर भी काम कर रही है, जिसे 5 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर पेश किए जाने की संभावना है। इसके अलावा, हाल ही में शामिल हुई ऑल-इलेक्ट्रिक SUV e Vitara के दाम ₹20,000 तक और ऑफ-रोडर SUV जिम्नी (Jimny) की कीमत ₹15,000 तक बढ़ा दी गई है। प्रीमियम रेंज में शामिल इनविक्टो (Invicto) की कीमत में भी ₹10,000 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

​नेक्सा और अरेना आउटलेट्स के अन्य लोकप्रिय वाहनों की बात करें तो क्रॉसओवर SUV फ्रोंक्स (Fronx) के दाम में ₹7,500 तक का इजाफा हुआ है। इसी तरह 6-सीटर MPV XL6 की दरों में ₹5,000 से लेकर ₹7,500 तक का अंतर आया है। मध्य-आकार SUV सेगमेंट में मजबूती से पकड़ बनाए रखने वाली विक्टोरिस (Victoris) की दरें ₹10,000 तक बढ़ी हैं, जबकि ग्रैंड विटारा (Grand Vitara) की कीमतों में केवल ₹5,000 तक का सीमित इजाफा किया गया है, जो नेक्सा रेंज में सबसे कम मूल्य वृद्धि में से एक है।

​बजट श्रेणी और पारिवारिक कारों के खंड में भी मामूली बढ़ोतरी की गई है। एंट्री-लेवल कार खरीदारों की पसंदीदा ऑल्टो K10 (Alto K10), एस-प्रेसो (S-Presso), सेलेरियो (Celerio) और वैगन-आर (WagonR) की कीमतों में ₹2,500 तक की वृद्धि हुई है। कमर्शियल उपयोग में आने वाले लाइट कमर्शियल व्हीकल सुपर कैरी (Super Carry) के दाम भी ₹2,500 तक बढ़ाए गए हैं।

​देश की सबसे पसंदीदा हैचबैक स्विफ्ट (Swift) और कॉम्पैक्ट SUV ब्रेज़ा (Brezza) की कीमतें अब ₹5,000 तक अधिक होंगी। पारिवारिक सेडान डिजायर (Dzire) और इसके टैक्सी मॉडल टूर एस (Tour S) के दामों में ₹5,000 से ₹7,000 तक का अंतर आया है। 7-सीटर MPV अर्टिगा (Ertiga) ₹5,000 से ₹7,500 तक महंगी हुई है, जबकि मल्टी-पर्पज वैन ईको (Eeco) की दरें ₹5,000 तक बढ़ाई गई हैं।

​कंपनी के अनुसार, भारतीय बाजार में छोटी और किफायती कारों की मांग में लगातार मजबूती बनी हुई है। ऑटोमेकर का दीर्घकालिक लक्ष्य प्रति वर्ष 30 लाख से अधिक वाहन बेचने का है, जिसमें एंट्री-लेवल और कॉम्पैक्ट सेगमेंट की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।