​Automobile Desk – भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत रखने के साथ-साथ मारुति सुजुकी अब ग्लोबल मार्केट में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी की कॉम्पैक्ट SUV, मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स (Maruti Suzuki Fronx) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। भारत से निर्मित होकर विदेशी बाजारों में भेजे जाने के मामले में यह महज 38 महीनों से भी कम वक्त में 2 लाख यूनिट्स एक्सपोर्ट होने वाली देश की सबसे तेज SUV बन गई है।

​भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि गुजरात स्थित हंसलपुर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में तैयार होने वाली फ्रॉन्क्स की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। कंपनी इस मेड-इन-इंडिया SUV को दुनिया के लगभग 90 देशों में एक्सपोर्ट कर रही है। इसमें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और एशिया के प्रमुख बाजारों के साथ-साथ जापान जैसा विकसित और कड़े ऑटोमोबाइल नियमों वाला देश भी शामिल है, जहां भारतीय गाड़ियों की गुणवत्ता को काफी पसंद किया जा रहा है।

​अगर इस कार के एक्सपोर्ट सफर पर नजर डालें, तो फ्रॉन्क्स की पहली खेप जून 2023 में भारतीय बंदरगाहों से विदेशी बाजारों के लिए रवाना की गई थी। इसके बाद से ही इस मॉडल की वैश्विक मांग में भारी उछाल देखा गया। इस गाड़ी ने शुरुआत के 1 लाख यूनिट्स के एक्सपोर्ट का आंकड़ा करीब 25 महीनों में पूरा किया था। हालांकि, अगली 1 लाख गाड़ियों का एक्सपोर्ट इतनी तेजी से हुआ कि महज 13 महीनों के भीतर ही कंपनी ने 2 लाख एक्सपोर्ट का मील का पत्थर पार कर लिया। पहले 1 लाख के मुकाबले दूसरे 1 लाख का आंकड़ा लगभग आधे समय में हासिल करना यह साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस SUV का दबदबा किस कदर बढ़ रहा है।

​मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी टेकुची ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत से एक्सपोर्ट होने वाली हर एक गाड़ी देश के वर्कफोर्स के समर्पण और हुनर का प्रतीक है। फ्रॉन्क्स की यह बड़ी सफलता भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ मुहिम को बेहद मजबूती प्रदान करती है। कंपनी लंबे समय से भारत को अपने प्रमुख ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है और वर्तमान में भारत से करीब 120 देशों में अपनी विभिन्न गाड़ियों का निर्यात कर रही है।

​वैश्विक बाजार में मारुति की मजबूत स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के दौरान भारत से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली टॉप-3 पैसेंजर गाड़ियों में मारुति सुजुकी के मॉडल्स का ही कब्जा रहा। फ्रॉन्क्स द्वारा बेहद कम समय में हासिल किया गया यह 2 लाख यूनिट्स का आंकड़ा न सिर्फ मारुति सुजुकी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के पूरे ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। भारतीय कारों की दुनिया भर में बढ़ती इस मांग से आने वाले समय में देश का ऑटो हब के रूप में उभार और अधिक मजबूत होगा।